राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जिस तरह की भाषा और प्रदर्शन वहां देखने को मिला, वह उनके परिवार से मिले संस्कारों को दिखाता है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसे "कुसंस्कारी लड़के-लड़कियों" के कारण उनके माता-पिता और दादा-दादी का बुढ़ापा कष्ट में बीतेगा.
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'जंतर-मंतर पर दिखे परिवार के संस्कार'
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर जिस तरह का प्रदर्शन हुआ, वह चिंता का विषय है. उनके मुताबिक, युवाओं ने जिस भाषा और तरीके का इस्तेमाल किया, उससे उनके परिवार के संस्कार झलकते हैं. उन्होंने कहा कि अब उनके माता-पिता और परिवार के लोगों को यह सोचना चाहिए कि उन्होंने कैसी पीढ़ी तैयार की है.
उन्होंने कहा, "जिस प्रकार के कुसंस्कार परिवार से मिले हैं, उनका प्रदर्शन जंतर-मंतर पर हुआ है. ऐसे लड़के-लड़कियों के माता-पिता और दादा-दादी का जीवन का संध्याकाल बहुत कष्ट में रहेगा."
बीजेपी की जीत का भी जताया भरोसा
मंत्री खर्रा ने इस दौरान निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कहा कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और जनता विकास के आधार पर मतदान करेगी.
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने तेजी से विकास किया है. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने बीते 31 महीनों में कई अहम काम किए हैं.
सरकार के काम गिनाए
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने जल संकट के समाधान, बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम और युवाओं के हित में कई फैसले लिए हैं. उन्होंने पिछली गहलोत सरकार पर पेपर लीक का आरोप लगाते हुए कहा कि 2018 से 2023 के बीच युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन मौजूदा सरकार ने पेपर लीक के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की है.
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 31 महीनों में हुई प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई गई हैं.
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