झुंझुनू: जिस सड़क को बनवाने के लिए गांववालों ने जुटाया चंदा, उसी के निर्माण के दौरान चली गई 8 की जान! जानें कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

अमित तिवारी

03 Nov 2026 (अपडेटेड: Nov 3 2026 7:00 PM)

Jhunjhunu Chhapoli Village Accident: राजस्थान के झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ग्रामीण चंदा जुटाकर मंदिर का रास्ता बना रहे थे. इस दौरान सीमेंट मिक्सर मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गई, जिससे करंट फैलने से 8 लाेगों की दर्दनाक मौत हो गई.

राजस्थान के उदयपुरवाटी में बड़ा हादसा
राजस्थान के उदयपुरवाटी में बड़ा हादसा
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Jhunjhunu Chhapoli Village Accident: राजस्थान के झुंझुनू जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. जिस सड़क को बनाने के लिए गांव के लोगों ने आपस में चंदा जुटाया था, ताकि उनका रास्ता आसान हो सके, उसी सड़क के निर्माण ने एक झटके में आठ परिवारों को उजाड़ दिया. उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में हुए इस वीभत्स हादसे में करंट की चपेट में आने से 8 लाेगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. एक साथ उठी आठ अर्थियों को देखकर पूरे इलाके में मातम और कोहराम मचा हुआ है.

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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? सीमेंट मिक्सर मशीन बनी काल

यह घटना सोमवार, 2 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे की है. झुंझुनू के उदयपुरवाटी इलाके के छापोली गांव में कदम कुंड मंदिर तक जाने वाले रास्ते की हालत काफी खराब थी. जब प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की तरफ से रास्ता नहीं बनाया गया, तो ग्रामीणों ने खुद ही आपसी सहयोग और चंदे से सड़क का निर्माण करवाने का बीड़ा उठाया. काम के दौरान रोड़ी और सीमेंट मिलाने वाली मिक्सर मशीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था. तभी मशीन का हाइड्रोलिक जैक (बूम) ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया. मशीन में तेज करंट दौड़ गया और वहां काम कर रहे लाेगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

मौके पर ही 8 लोगों की मौत, कई गंभीर रूप से झुलसे

11,000 वोल्ट के हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आने से पांच लाेगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग आपस में जुड़े परिवारों से थे. छापोली और मंडावरा के रहने वाले इन लाेगों की मौत से गांवों में चूल्हे तक नहीं जले. ग्रामीणों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि काम शुरू करने से पहले बिजली सप्लाई बंद करने के लिए ग्रिड सबस्टेशन पर फोन किया गया था, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था. साथ ही, हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी.

सरकार और प्रशासन का एक्शन, मुआवजे का ऐलान

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुड़ा मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग की. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. प्रशासन की समझाइश और मुआवजे पर सहमति बनने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई है.

 
इनपुट:नैना शेखावत

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