राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में पानी की किल्लत को लेकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है. मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचीं जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता (JEN) अंतरा मीणा ग्रामीणों के आक्रोश के सामने खुद को संभाल नहीं पाईं और बीच सड़क पर ही भावुक होकर रो पड़ीं. यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और चर्चा का विषय बनी हुई है.
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6 महीने का दर्द और 5 मिनट की सप्लाई
नवलगढ़ की ढणिया पंचायत के निवासी पिछले 5 से 6 महीनों से पेयजल के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी की टंकी और दो ट्यूबवेल मौजूद हैं, लेकिन उनका पानी गांव के बजाय शहर की ओर सप्लाई किया जा रहा है. स्थानीय लोगों के घरों में सुबह मात्र 2 से 5 मिनट के लिए पानी आता है, वह भी बेहद गंदा. इस भीषण गर्मी में लोग महंगे टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.
अधिकारी की आंखों में आंसू और अभद्रता का आरोप
जब जेईएन अंतरा मीणा स्थिति का जायजा लेने पहुंचीं, तो गुस्साई महिलाओं ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. महिलाओं ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि वे महीनों से इस समस्या के कारण रो रही हैं.
ग्रामीणों की बातें सुनकर महिला अधिकारी भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गई. हालांकि, उन्होंने बाद में उच्च अधिकारियों को सूचना दी कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कुछ लोगों ने उन पर हाथ उठाने की कोशिश भी की. फिलहाल, भाजपा नेता राजेश कटेवा और अन्य स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की है.
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