जोधपुर के 120 श्रद्धालु दुबई में फंसे, मिसाइल हमलों की खबरों से सहमे लोग, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

जोधपुर के 120 श्रद्धालु दुबई और अबू धाबी की धार्मिक यात्रा के दौरान वहां के तनावपूर्ण हालातों में फंस गए हैं. उड़ानें रद्द होने और पैसे खत्म होने से श्रद्धालु परेशान हैं. परिजनों ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय से उन्हें सुरक्षित एयरलिफ्ट करने या वैकल्पिक उड़ान दिलाने की अपील की है.

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अशोक शर्मा

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Jodhpur devotees stuck in Dubai: राजस्थान के जोधपुर से धार्मिक यात्रा पर दुबई गए 120 श्रद्धालुओं का दल वहां के बिगड़ते हालातों के बीच फंस गया है. सूरसागर के बड़ा रामद्वारा से संत रामप्रसाद महाराज के सानिध्य में निकला यह जत्था अब सुरक्षित घर लौटने के लिए भारत सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठा है.

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दर्शन के दौरान बनी आपात स्थिति

जानकारी के मुताबिक, 23 फरवरी को यह दल सत्संग और भ्रमण के लिए दुबई रवाना हुआ था. इसमें संत मनोहर दास, अमृतराम महाराज और माली समाज के करीब 100 महिला-पुरुष शामिल हैं. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन शनिवार (28 फरवरी) को जब दल अबू धाबी के राम मंदिर में दर्शन कर रहा था, तभी अचानक वहां आपात स्थिति पैदा हो गई. सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और प्रशासन ने पूरे समूह को वापस दुबई के मीना बाजार स्थित एक होटल में भेज दिया.

मिसाइल हमलों का खौफ और आर्थिक संकट

दुबई में रह रहे श्रद्धालुओं के परिजनों ने बताया कि वहां मिसाइल हमलों की खबरों से दहशत का माहौल है. युद्ध जैसे इन हालातों के बीच श्रद्धालुओं के पास मौजूद कैश (पैसे) भी अब खत्म होने लगा है. होटल में रुकने और खाने-पीने का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. जोधपुर में बैठे परिवार वाले अपने अपनों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं.

सरकार से मदद की अपील

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए माली समाज के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह सोलंकी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दखल देने का आग्रह किया है. साथ ही, समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय दूतावास से अपील की है कि उनके परिजनों को सुरक्षित भारत लाने के लिए वैकल्पिक फ्लाइट्स का इंतजाम किया जाए. फिलहाल, संकट में फंसे ये श्रद्धालु और उनके परिवार सरकार से जल्द मदद की उम्मीद कर रहे हैं.

 

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