इस एक्सप्रेस-वे से जयपुर से जोधपुर के बीच की दूरी 100 KM घट जाएगा, समय की भी होगी खूब बचत

जोधपुर को जामनगर-अमृतसर कॉरिडोर से जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे से जयपुर की दूरी 100 किमी कम हो जाएगी. यह प्रोजेक्ट मारवाड़ के हैंडीक्राफ्ट और बाड़मेर के रिफाइनरी सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

जोधपुर
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आंचल गुप्ता

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कनेक्टिविटी हब बनने की ओर अग्रसर है. प्रस्तावित जामनगर-अमृतसर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के तहत एक नया लिंक प्रोजेक्ट जोधपुर और आसपास के इलाकों की तस्वीर बदलने वाला है. इस मेगा प्रोजेक्ट से न केवल सफर का समय घटेगा, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास को भी नई पंख मिलेंगे.

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100 किमी छोटा होगा सफर, ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में जोधपुर से जयपुर या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुँचने के लिए अजमेर और ब्यावर जैसे भीड़भाड़ वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है. नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से जोधपुर और जयपुर के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी. इससे घंटों का सफर मिनटों में सिमट जाएगा और ईंधन व समय दोनों की भारी बचत होगी.

सात जिलों को जोड़ेगा यह खास कॉरिडोर

लगभग 400 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के सात महत्वपूर्ण जिलों को सीधे कनेक्ट करेगा:

  • जयपुर
  • टोंक
  • अजमेर
  • ब्यावर
  • जोधपुर
  • बालोतरा
  • बाड़मेर

यह एक्सप्रेसवे दौसा-लालसोट एक्सप्रेसवे के अरण्यक कला इंटरचेंज से शुरू होकर जयपुर के दक्षिणी हिस्से से गुजरते हुए आगे बढ़ेगा और अंत में बालोतरा के पटाऊ खुर्द के पास मुख्य कॉरिडोर से जुड़ेगा.

मारवाड़ बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब

इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को मिलेगा. इसके अलावा, बाड़मेर की पचपदरा रिफाइनरी और ऊर्जा सेक्टर के लिए यह एक लाइफलाइन साबित होगा. तेज ट्रांसपोर्ट नेटवर्क मिलने से लॉजिस्टिक लागत कम होगी, जिससे वैश्विक बाजार में जोधपुर के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी.

पर्यावरण का रखा जाएगा खास ख्याल

इसे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है. प्रोजेक्ट में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के विशेष प्रावधान किए गए हैं. वर्तमान में एनएचएआई (NHAI) इसकी डीपीआर तैयार कर रहा है और राज्य की भजनलाल सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं.

 

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