'हमें चपरासी पढ़ाता है!' राजस्थान के मंत्री जोगाराम पटेल के क्षेत्र में स्कूल पर बच्चों ने जड़ा ताला, वीडियो वायरल होते ही जागा विभाग

न्यूज तक डेस्क

• 01:09 PM • 08 Aug 2026

जोधपुर के लूनी में सरकारी स्कूल के बच्चों ने गणित व इतिहास के शिक्षक न होने पर स्कूल पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया. छात्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें चपरासी पढ़ाता है. वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने 24 घंटे में दो शिक्षक तैनात किए और चपरासी के पढ़ाने के दावे को खारिज कर दिया.

Jodhpur
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राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. मामला राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के विधानसभा क्षेत्र लूनी (जोधपुर) का है, जहां के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (अरणी नाड़ी, मंगल नगर) के छात्र-छात्राओं ने गणित और इतिहास के शिक्षक न होने पर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और सड़क पर धरना देकर बैठ गए.

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प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उसने आरोप लगाया कि स्कूल में गणित का शिक्षक न होने के कारण उन्हें चपरासी पढ़ाते हैं और वे पासबुक से देखकर समझाते हैं. छात्रा के इस बयान और बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो इंटरनेट पर आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो तो 24 घंटे में हुआ एक्शन

वीडियो वायरल होने के बाद लूनी ब्लॉक की मुख्य शिक्षा अधिकारी (CBO) श्रीमती समीम और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत कराया. बच्चों की मांग को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अगले ही दिन इतिहास और हिंदी साहित्य के दो लेक्चरर को डेपुटेशन पर स्कूल में नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए.

चपरासी के पढ़ाने के दावे पर शिक्षा विभाग की सफाई

छात्रा द्वारा चपरासी के पढ़ाने के आरोप पर शिक्षा विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, स्कूल में हाल ही में नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (रमेश गोदारा) एमएससी/बीएससी बीएड योग्यताधारी हैं. वे केवल बच्चों से सामान्य बातचीत (इंटरएक्शन) करने कक्षा में गए थे, उन्हें कोई पीरियड आवंटित नहीं था. जांच के दौरान बच्चों और छात्रा ने भी स्वीकार किया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उन्हें नियमित कक्षा में नहीं पढ़ाया है.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

स्कूल में 167 विद्यार्थी नामांकित हैं और कुल 12 में से 11 पद स्वीकृत हैं, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर पर लेक्चरर की कमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ. घटना सामने आने के बाद कांग्रेस और विपक्ष ने कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को निशाने पर लिया है.