जयपुर के सवाई मान सिंह इंडोर स्टेडियम में भाजपा किसान मोर्चा की ओर से एक बड़ी राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मकसद राजस्थान में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देना था. इस मौके पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित कई बड़े नेता और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए. इस दौरान कैलाश चौधरी ने ऐसा बयान दिया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है.
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कलेक्टर का बेटा भी गर्व से कहेगा- मैं किसान बनूंगा
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने इस कार्यक्रम में एक ऐसा बयान दिया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा, "जल्द ही वह समय आएगा, जब एक कलेक्टर का बेटा भी कहेगा कि मुझे कलेक्टर नहीं बनना, बल्कि मैं किसान बनूंगा."
उन्होंने आगे कहा कि अब किसान मोर्चा का हर कार्यकर्ता गांव-गांव जाएगा और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए समझाएगा. इसके लिए हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में ऐसी कार्यशालाएं रखी जाएंगी और कुछ गांवों को 'मॉडल विलेज' के रूप में तैयार किया जाएगा.
'पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं.'
इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैलाश चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि 'पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं.' उन्होंने याद दिलाया कि कैलाश चौधरी पहले भी किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहकर सीधे केंद्र में मंत्री बने थे और उनकी मेहनत को देखते हुए वे आगे भी बहुत ऊंचाइयों तक जाएंगे.
'आज हम खेती नहीं, पाप कर रहे हैं'
प्राकृतिक खेती के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने केमिकल वाली खेती पर चिंता जताते हुए किसानों को सचेत किया. उन्होंने कहा, "अगर हम अभी नहीं संभले, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी. आज हम खेती नहीं, बल्कि केमिकल डालकर पाप कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के समय सिर्फ ढाई एकड़ जमीन में 13 किलो यूरिया डालने की सलाह दी गई थी. लेकिन आज पंजाब-हरियाणा का किसान एक ही एकड़ में 13-13 कट्टे यूरिया डाल रहा है. इस यूरिया और जहर ने हमारी जमीन को खराब कर दिया है और सारे जरूरी जीव-जंतु खत्म कर दिए हैं. इसी वजह से आज लोगों के शरीर के अंग (ऑर्गन) फेल हो रहे हैं.
बिजली में आत्मनिर्भर हुआ राजस्थान, किसानों को मिलेंगे 12 हजार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार में आते ही हमने सबसे पहले पानी और बिजली की समस्या को दूर किया. जो राजस्थान पिछले 40 साल से बिजली के लिए दूसरों पर निर्भर था, वह आज आत्मनिर्भर हो गया है. इस बार भयंकर गर्मी में भी हमने अपने राज्य की जरूरत पूरी की और दूसरे राज्यों को बिजली बेची.
सीएम ने किसानों के लिए बड़ा एलान करते हुए कहा कि किसानों को मिलने वाली 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार ने अपनी तरफ से 3 हजार रुपये बढ़ाए हैं. आने वाले समय में इसे 3 हजार और बढ़ाया जाएगा, जिससे किसानों को सालाना कुल 12 हजार रुपये मिलेंगे. इसके साथ ही गेहूं पर 150 रुपये का बोनस देने का काम भी हमारी सरकार ने किया है.
पोस्टर पर उलझा प्राकृतिक और जैविक खेती का नाम
कार्यशाला में आए सभी बड़े नेताओं और डॉक्टरों ने मंच से यह समझाया कि प्राकृतिक खेती (Natural Farming) और जैविक खेती (Organic Farming) दोनों अलग-अलग हैं और प्राकृतिक खेती ज्यादा अच्छी है. लेकिन हैरानी की बात यह थी कि मंच पर जो सरकारी पोस्टर लगा था, उस पर 'गो ऑर्गेनिक, गो हेल्दी' लिखा हुआ था, जो जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा था.
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