करौली: 350 बहनों के भाई हैं अनिल, गरीब और मजबूर लड़कियों की कराते हैं शादी

गोपाल लाल

12 Dec 2022 (अपडेटेड: Dec 12 2022 1:15 PM)

Karauli News: राजस्थान के करौली में अनिल अग्रवाल 350 बहनों के भाई हैं. सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा पर ये सच है. अनिल खुद को किराए के मकान में रहते हैं पर गरीब, बेसहारा और दिव्यांग युवतियों का घर बसाने में मदद करते हैं. वे लड़कियां जिनकी शादी किसी न किसी वजह से नहीं हो […]

NewsTak
Google CTA

Karauli News: राजस्थान के करौली में अनिल अग्रवाल 350 बहनों के भाई हैं. सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा पर ये सच है. अनिल खुद को किराए के मकान में रहते हैं पर गरीब, बेसहारा और दिव्यांग युवतियों का घर बसाने में मदद करते हैं. वे लड़कियां जिनकी शादी किसी न किसी वजह से नहीं हो पाती है उसकी शादी कराते हैं.

Read more!

अनिल अक्सर बीहड़ में ढाणी-ढाणी अनाथ कन्याओं को ढूंढकर शादी कराते देखे जाते हैं. वे ऐसी लड़कियों का भाई बन उनसे ताउम्र ये रिश्ता निभाने का वादा करते हैं. ये अपने त्यौहार भी उन बहनों के साथ मनाते हैं, जिनका इन्होंने हाथ पीले कर विदा किया था.

अनिल अग्रवाल ऐसी करीब 350 सर्व समाज की कन्याओं का विवाह कर घर बसा चुके हैं. उन्होंने तेरह साल पहले दिव्यांगो का कैलादेवी में कैम्प लगाया था. उसमें से 360 दिव्यांगों को ढूंढा जो ऐसे थे जिनके पैर कटे थे. उनको कैलिपर्स लगवा चुके हैं. 15 साल से समाजसेवा करने जुटे हैं.

यह भी पढ़ें: जालौरः राहुल गांधी के सामने डोटासरा ने चांदना को दी मात! जानिए पूरा मामला

101 कन्याओं का फरवरी में होगा विवाह
अनिल अग्रवाल कोई भी जाति, धर्म नहीं देखते हैं. वे राजस्थान ही नहीं मध्य प्रदेश से सटे चंबल में झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों के घर पहुंचे हैं. वे हाल ही में करौली के करणपुर डांग क्षेत्र अलबतकी गांव में पहुंचे. वहां उन्होंने एक गरीब परिवार की कन्या की शादी के लिए 50 हजार रुपए नगद राशि दी. वहीं सर्व समाज की 101 कन्याओं की शादी कराने का बीणा अनिल ने उठाया है. 12 फरवरी 2023 में धौलपुर के मचकुंड में ये विवाह होगा.

कौन हैं समाजसेवी अनिल अग्रवाल, जानें
अनिल अग्रवाल जयपुर व मूल रूप से धौलपुर व आगरा निवासी हीरा कारोबारी हैं, जिन्होंने 15 साल से समाजसेवा का ऐसा बीड़ा उठाया है कि अबतक करीब 350 गरीब अनाथ कन्याओं का विवाह करा चुके हैं. उन्होंने लॉक डाउन में भी 85 युवतियों के घर पर दहेज का सामान भेजा था. अनिल ने बताया कि वह सालभर में समय निकालकर बीहड़ में रहे, जहां गरीबी, भूख, विकलांगता अभिशाप के रूप में देखा.

यह भी पढ़ें: कोटा की इस शादी में दुल्हन की एंट्री देख उड़े सबके होश, देखें तस्वीरें