पुणे केतन अग्रवाल केस: राजस्थान के मंदिर में छुपा है कौन सा राज? सीसीटीवी खंगालने पहुंची पुलिस

न्यूज तक डेस्क

• 01:57 PM • 16 Jul 2026

पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच राजस्थान पहुंच गई है. आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की गुप्त शादी का पता लगाने पुलिस राजस्थान के एक मंदिर पहुंची.

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महाराष्ट्र के बहुचर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब राजस्थान तक फैल गई है. मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम राजस्थान के एक मंदिर पहुंची. पुलिस को शक था कि मामले के दोनों मुख्य आरोपियों ने इसी मंदिर में छिपकर शादी की थी. हालांकि, पुलिस के हाथ फिलहाल मंदिर के सीसीटीवी कैमरों से कोई ठोस वीडियो सबूत नहीं लगा है.

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लोहागढ़ किले में मंगेतर को दिया था धोखा

यह पूरा मामला एक खौफनाक लव ट्रायंगल और धोखे से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, 20 साल की सिया गोयल और उसके 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धक्का दे दिया था. केतन अग्रवाल आरोपी सिया गोयल के मंगेतर थे. इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस दोनों आरोपियों की हरकतों पर नजर रख रही थी.

चैट से खुला था गुप्त शादी का राज

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की जांच की, तो दोनों के बीच हुई बातचीत (चैट) से एक बड़ा खुलासा हुआ. चैट से पता चला कि सिया और चेतन ने पिछले साल दिसंबर में परिवार की मर्जी के बिना राजस्थान के एक मंदिर में गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी. इसी दावे की हकीकत जानने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम राजस्थान रवाना हुई थी.

सीसीटीवी से नहीं मिला सबूत, डिजिटल जांच जारी

राजस्थान पहुंचे जांच अधिकारियों ने मंदिर प्रशासन से पूछताछ की और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की पुरानी फुटेज खंगाली. पुलिस को उम्मीद थी कि यहां से दोनों की मौजूदगी का कोई बड़ा प्रमाण मिल जाएगा, लेकिन अभी तक कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है.

पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीम का मकसद सिर्फ शादी की पुष्टि करना नहीं था, बल्कि आरोपियों के रिश्तों और उनकी गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार करना है. पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या केतन को रास्ते से हटाने की साजिश पहले ही रच ली गई थी. फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल, चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है. दोनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं.