राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. नकली बीज भ्रष्टाचार मामले में विरोधियों द्वारा घेरे जाने और राजनीतिक षड्यंत्रों पर पलटवार करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने हुंकार भरी है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ हमेशा से साजिशें रची जाती रही हैं, लेकिन वे घबराने वाले नहीं हैं. उन्होंने नकली खाद-बीज के नाम पर उगाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि उनके राज में किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
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'चोर कोतवाल को डांटे, यह नहीं चलेगा'
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने खुद भ्रष्टाचार किया है, उन्हें उन पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है. उन्होंने कहा, "मैंने पेपर लीक मामले में डोटासरा को नहीं छोड़ा और न ही गहलोत साहब को बख्शा. यही वजह है कि आज ये सब मिलकर मुझ पर हमला करने का मौका ढूंढ रहे हैं. लेकिन मैं इन्हें बता दूं कि चोर को कोतवाल को डांटने का कोई अधिकार नहीं है."
इस्तीफा देने और जेल जाने की चुनौती
अपने बेदाग राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए किरोड़ी लाल ने विरोधियों को खुली चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई माई का लाल दिनभर में भी मेरा एक दोष निकाल दे, तो मैं तुरंत मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा और खुद जेल जाने के लिए तैयार हूं. उन्होंने कहा कि वह राजनीति में जनता की सेवा करने आए हैं, अपना घर भरने या पेट्रोल पंप और खानें चलाने नहीं आए हैं.
'मैं अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह तोड़ना जानता हूं'
विरोधियों की घेराबंदी पर तंज कसते हुए दिग्गज नेता ने कहा कि उनके बढ़ते कदमों से विपक्ष घबराया हुआ है. उन्होंने कहा, "मैं राजनीति का वह अभिमन्यु हूं जो दुश्मनों के चक्रव्यूह में घुसना भी जानता है और वहां से सुरक्षित बाहर निकलना भी." उन्होंने भ्रष्टाचार की तुलना दीमक से करते हुए कहा कि जैसे दीमक पेड़ को खोखला करती है, वैसे ही करप्शन देश को खोखला कर रहा है, जिसका इलाज करना बेहद जरूरी है.
जनता के आशीर्वाद का जताया आभार
भाषण के दौरान किरोड़ी लाल मीणा भावुक भी नजर आए. उन्होंने टोडाभीम और दौसा की जनता को याद करते हुए कहा कि जब सब उनके खिलाफ थे, तब जनता ने उन्हें भारी बहुमत से निर्दलीय चुनाव जिताकर विधानसभा और लोकसभा भेजा था. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी एजेंसी उनके खिलाफ कुछ नहीं ढूंढ सकती क्योंकि उनके पास ईमानदारी का आत्मबल है. उन्होंने अंत में कहा, "अगर जनता मेरे लिए पसीना बहाएगी, तो डॉक्टर किरोड़ी लाल उनके लिए खून बहाने को भी तैयार है."
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