कोटा: डिलीवरी के बाद अचानक फेल होने लगी महिलाओं की किडनी, 4 मौत से मचा हड़कंप, जानें क्या है पूरा मामला

JK Lon Hospital Kota Case: राजस्थान के कोटा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जेके लोन और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 13 प्रसूताओं की हालत बिगड़ी, जिनमें से 4 की मौत और 9 की किडनी फेल हो गई. जयपुर की एक्सपर्ट टीम जांच में जुटी है, लेकिन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

 कोटा के अस्पतालों में सिजेरियन के बाद बिगड़ी महिलाओं की हालत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोटा के अस्पतालों में सिजेरियन के बाद बिगड़ी महिलाओं की हालत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चेतन गुर्जर

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Kota Hospital Kidney Failure after Delivery Cases: राजस्थान के कोटा से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं. यहाँ के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों जेके लोन (JK Lon) और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत और तबीयत बिगड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक 4 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 9 महिलाओं की किडनी फेल होने की गंभीर शिकायत सामने आई है. 

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क्या है पूरा मामला?

अस्पताल में भर्ती महिलाओं के परिजनों में इस वक्त भारी डर और अफरातफरी का माहौल है. बताया जा रहा है कि डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन के ठीक बाद कई प्रसूताओं की हालत अचानक बिगड़ने लगी. मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक ब्लीडिंग (Bleeding) और किडनी फेलियर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई महिलाओं को तत्काल डायलिसिस पर रखना पड़ा और उन्हें आईसीयू (ICU) व सुपर स्पेशलिटी विंग में शिफ्ट किया गया है.

जांच के घेरे में दवाएं और सिस्टम

इस घटना ने पूरे चिकित्सा महकमे में हड़कंप मचा दिया है. जयपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम जांच के लिए कोटा पहुंच चुकी है. मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच की जा रही है:

1. क्या ऑपरेशन थिएटर में कोई संक्रमण (Infection) था?
2. क्या ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन या दवाओं में कोई गड़बड़ी थी?
3. क्या सिजेरियन के बाद मॉनिटरिंग में डॉक्टरों या स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई? 

परिजनों का फूटा गुस्सा

मृतक महिलाओं के परिजनों का आरोप है कि समय पर सही इलाज और निगरानी नहीं मिलने के कारण यह जानलेवा स्थिति पैदा हुई. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है. वर्तमान में कुल प्रभावित महिलाओं की संख्या 13 तक पहुंच चुकी है, जिनमें से कई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.

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