राजस्थान के कोटा में करीब दो साल के अंतराल के बाद स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण का नया मामला सामने आया है. पीपल्दा तहसील क्षेत्र की 56 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है. हालत गंभीर होने पर महिला को कोटा के एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया. अस्पताल पहुंचने के समय उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन सिर्फ 50 प्रतिशत था.
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कई दिनों से बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत
इलाज कर रहे फिजिशियन डॉ. अर्पित पारीक के अनुसार महिला को 26 अगस्त की सुबह करीब 9 से 10 बजे अस्पताल लाया गया था. वह पिछले चार से पांच दिनों से खांसी, जुकाम और बुखार से परेशान थी. शुरुआत में उसका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा था.
अस्पताल पहुंचने के दौरान महिला को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी. ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद भी उसका सेचुरेशन 80 प्रतिशत से ऊपर नहीं बढ़ रहा था. स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत ICU में शिफ्ट किया.
एक्स-रे में फेफड़ों की हालत बेहद खराब
डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती जांच में महिला के फेफड़ों की स्थिति चिंताजनक थी. चेस्ट एक्स-रे में दोनों लंग्स लगभग सफेद दिखाई दे रहे थे. इसके बाद उसे लगातार ऑक्सीजन और अन्य जरूरी उपचार दिया गया.
इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार आया है. अब उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन 100 प्रतिशत तक पहुंच रहा है. एक्स-रे में भी पहले के मुकाबले सुधार देखा गया है. हालांकि डॉक्टर अभी मरीज को पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं मान रहे हैं. फिलहाल उसे BiPAP वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.
संक्रमण कहां से हुआ, अभी स्पष्ट नहीं
स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल संक्रमण के स्रोत को लेकर है. शुरुआती जानकारी में महिला की दिल्ली या किसी दूसरे बाहरी इलाके की यात्रा की कोई हिस्ट्री सामने नहीं आई है. परिवार के दूसरे सदस्यों में भी फिलहाल स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण नहीं मिले हैं.
जानकारी के अनुसार महिला करीब सात दिन पहले शुगर से जुड़ी सलाह लेने के लिए कोटा आई थी. उस समय उसे हल्की खांसी भी थी. अब स्वास्थ्य विभाग महिला के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रहा है. इसके साथ ही कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सर्वे का काम किया जा रहा है.
CMHO ने कहा- संपर्क में आए लोगों की जांच और दवा शुरू
कोटा के CMHO डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि महिला की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है. उसके संपर्क में आए लोगों का सर्वे कराया जा चुका है. जरूरत के अनुसार दवा भी शुरू कर दी गई है.
CMHO के मुताबिक मरीज फिलहाल स्टेबल है. स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और एहतियात के तौर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
सितंबर 2024 में मिला था पिछला मामला
कोटा में इससे पहले स्वाइन फ्लू का आखिरी केस सितंबर 2024 में सामने आया था. उस साल जिले में H1N1 के कुल सात मामले दर्ज किए गए थे. इनमें दो मरीजों की मौत हुई थी.
इसके बाद 2025 में और अगस्त 2026 तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया था. अब करीब दो साल बाद नया केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है.
क्या होता है स्वाइन फ्लू या H1N1?
स्वाइन फ्लू को H1N1 इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है. यह Influenza-A वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है.
इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और ठंड लगना शामिल हैं. कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है.
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है. ऐसे में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों को नियमित रूप से साफ रखना और जरूरत के मुताबिक मास्क का इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है.
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