सरकार बनाने की ताकत रखते हैं, झुकाना भी जानते हैं... मोदी सरकार के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना की हुंकार

न्यूज तक डेस्क

• 12:39 PM • 14 Aug 2026

यूजीसी के नए नियमों को "काला कानून" बताते हुए क्षत्रिय करणी सेना ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस नियम को वापस (Rollback) कराने की मांग को लेकर करणी सेना 23 अगस्त 2026 को दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में महाआंदोलन करेगी.

मोदी सरकार के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना
मोदी सरकार के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना
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यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के नियमों और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है. करणी सेना के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसे सामान्य वर्ग और स्वर्ण समाज के छात्रों पर थोपा गया "काला कानून" करार दिया है. 15 हजार किलोमीटर से अधिक की संपर्क यात्रा के तहत राजस्थान के धौलपुर पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सर्व समाज के युवाओं को एकजुट होकर दिल्ली में अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया.

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23 अगस्त को दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम में जुटेंगे युवा

करणी सेना प्रमुख ने बताया कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य यूजीसी के इस नियम को वापस (Rollback) करवाना है. इसके लिए 23 अगस्त 2026 को दोपहर 1:15 बजे नई दिल्ली स्थित शाह ऑडिटोरियम में एक बड़े आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि नियम दिल्ली से लागू हुआ है और इसका समाधान भी दिल्ली में ही केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर दबाव बनाकर निकाला जाएगा.

बिना चंदे के 15,000 किमी की यात्रा

जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के लिए है. उन्होंने कहा: