तीन मुल्कों की नाक में दम करने वाले लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा पर FBI का शिकंजा, निज्जर हत्याकांड के बाद प्रत्यर्पण के लिए बना रही प्लान

न्यूज तक डेस्क

• 01:31 PM • 09 Jul 2026

Lawrence Bishnoi Extradition News: भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा पर अब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की जांच एजेंसी FBI, कनाडा और यूरोपीय देशों की एजेंसियों के साथ मिलकर इनके गैंग नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर रही है.

लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा पर तीन बड़े देशों का शिकंजा
लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा पर तीन बड़े देशों का शिकंजा
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भारत के तीन बड़े राज्यों के तीन खूंखार गैंगस्टर्स अब दुनिया की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं. राजस्थान का रहने वाला रोहित गोदारा, हरियाणा का गोल्डी बराड़ और पंजाब का लॉरेंस बिश्नोई- ये वो नाम हैं जिनसे अब दुनिया के तीन बड़े देशों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां खासी परेशान हैं. इन देशों का साफ तौर पर कहना है कि उनके मुल्कों में अराजकता और अशांति फैलाने वाले इन गैंगस्टर्स के गुर्गों की धरपकड़ के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है. इस कड़ी में सबसे बड़ा कदम अमेरिका की जांच एजेंसी FBI उठाने जा रही है, जो भारत के कुख्यात डॉन लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग को लेकर कानूनी कागजात तैयार कर रही है.

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तीन देशों की पुलिस ने हाथ मिलाकर शुरू किया एक्शन

अमेरिका, यूरोप और कनाडा जैसे देशों में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और गैंगवार की बढ़ती घटनाओं ने विदेशी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा रखी है. इन गंभीर मुद्दों को देखते हुए अमेरिकी एजेंसी FBI के नेतृत्व में यूरोप और कनाडा की पुलिस ने हाथ से हाथ मिलाया है और इन गैंगस्टर्स के सिंडिकेट को खत्म करने में जुट गई है. इस साझा अभियान के तहत बीते महज एक हफ्ते के भीतर लगभग 24 ऐसे गुर्गों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनका संबंध सीधे तौर पर भारत के इन तीनों गैंगस्टर्स से है. FBI अब इन अपराधियों की जड़ों को पूरी तरह से काटने के लिए तरह-तरह की कार्ययोजनाएं बनाने में लगी है.

निज्जर हत्याकांड के बाद से रडार पर हैं ये गैंगस्टर्स

कनाडा में साल 2023 में हुए खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं. निज्जर हत्याकांड के बाद से कनाडा पुलिस और अमेरिकी FBI मिलकर इन गैंगस्टर्स और इनके नेटवर्क के खात्मे की रणनीति पर काम कर रही हैं. विदेशी धरती पर खुलेआम हो रही खूनी रंजिश, अवैध हथियारों की डीलिंग और ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए एजेंसियों ने कई शहरों में ताबड़तोड़ दबिश दी है, जिसमें अब तक दो दर्जन (24) गुर्गे पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. गिरफ्तार किए गए इन गुर्गों से जब पूछताछ की गई तो लॉरेंस बिश्नोई का नाम सबसे बड़े डॉन के रूप में उभरकर सामने आया, जिसके बाद FBI ने भारत सरकार से पत्र व्यवहार कर उसे अमेरिकी सरकार के हवाले करने यानी प्रत्यर्पण की मांग करने की योजना बनाई है. इसे साबित करने के लिए FBI जैसी एजेंसियों ने अमेरिकी कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया है.

जेल में बंद होने के बावजूद दुनिया भर में फैला आतंक का साम्राज्य

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई वर्तमान में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, जिसे एक ऐसी सुरक्षित जेल माना जाता है जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता. इसके बावजूद, सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी हैरानी और चिंता का विषय बना हुआ है कि जेल के भीतर बैठकर यह डॉन कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधों को अंजाम दे रहा है. भारत में जहां राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पंजाब में लॉरेंस बिश्नोई आतंक का पर्याय बना हुआ है, वहीं बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने और मुंबई के एक बड़े राजनेता की हत्या के पीछे भी इसी का नाम सामने आया है. दिलचस्प बात यह भी है कि लॉरेंस पर दर्जनों केस चल रहे हैं, लेकिन अब तक उसे किसी भी मामले में सजा नहीं हुई है.

गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के लिए इंटरपोल की मदद

लॉरेंस बिश्नोई के अलावा उसके दो मुख्य सहयोगियों- गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा की धरपकड़ के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाल बिछाया गया है. हरियाणा निवासी गोल्डी बराड़, जो लॉरेंस का बेहद करीबी और उसका चेला माना जाता है, उसे तलाशने के लिए इंटरपोल की मदद ली जा रही है. वहीं, राजस्थान के बीकानेर (लूनकरसर) के रहने वाले रोहित गोदारा, जिसका असली नाम रोहित स्वामी है, को पकड़ने के लिए भी तीनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. हालांकि, भारतीय पुलिस पहले से ही इंटरपोल के संपर्क में है और इन दोनों को पकड़ने के कई प्रयास कर चुकी है, लेकिन अब अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियां भी इन्हें सरगर्मी से खोज रही हैं.