राजस्थान में सियासी उलटफेर, 23 महीने बाद पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत मालवीया की कांग्रेस में वापसी!

Mahendra Singh Malviya: राजस्थान के दिग्गज आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया 23 महीने बाद कांग्रेस में जल्द ही औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं और इसके लिए भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

Mahendra Singh Malviya
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Rajesh Soni

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Mahendra Singh Malviya: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. करीब 23 महीने पहले कांग्रेस को अलविदा कह कर BJP में शामिल हुए दिग्गज नेता महेंद्र सिंह मालवीय अब वापस कांग्रेस में लौट रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, मालवीय ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से मुलाकात कर ली है और जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम के जरिए उनकी औपचारिक वापसी होने वाली है.

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पद न मिलने से थे नाराज 

बताया जा रहा है कि बीजेपी में शामिल होने के बाद महेंद्र सिंह मालवीय को वह मुकाम और पद नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी. इसी वजह से वे पिछले काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे. उन्होंने बीजेपी के कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली थी. सिर्फ महेंद्र सिंह ही नहीं, बल्कि जिला प्रमुख रेशम मालवीय भी पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं दिख रही थीं. चर्चा है कि बीजेपी में उपेक्षा के कारण वे जयपुर में डेरा डाले हुए थे और अब उन्होंने 'घर वापसी' का मन बना लिया है.

सांसद राजकुमार रोत का 'रगड़ा' पड़ा भारी! 

लोकसभा चुनाव के दौरान भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने महेंद्र सिंह मालवीय को लेकर एक तंज कसा था कि उनका "रगड़ा निकाल देंगे". राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि चुनाव नतीजों और बदलते समीकरणों ने मालवीय को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल दिया, जिससे उनके पास कांग्रेस में लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.

फिलहाल, इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, मालवीय की वापसी की खबर से कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है. 

फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि महेंद्र सिंह मालवीय जल्द ही कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं और इसके लिए भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

कैसा रहा मालवीया का सियासी सफर?

महेन्द्रजीत सिंह मालवीया का राजनीतिक कद राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र में काफी बड़ा रहा है. वे 1998 में पहली बार सांसद बने थे और 2008 से 2023 तक लगातार बागीदौरा से विधायक रहे. गहलोत सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी.

फरवरी 2024 में वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ाया, लेकिन वे वहां हार गए. अब दो साल से भी कम समय में उन्होंने भाजपा को 'अलविदा' कहकर दोबारा कांग्रेस का दामन थामने का ऐलान किया है.

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