राजस्थान में 20 हजार करोड़ का 'खेला', जल जीवन मिशन घोटाले में महेश जोशी गिरफ्तार, क्या अब अशोक गहलोत की बारी?

झुंझुनू के नवलगढ़ की ढणिया पंचायत में पिछले 6 महीनों से जारी पानी की किल्लत ने उग्र रूप ले लिया है. पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर महिलाओं ने जलदाय विभाग की जेईएन अंतरा मीणा की गाड़ी का घेराव किया.

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शरत कुमार

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राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में अशोक गहलोत के सबसे करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है. अब तक इस घोटाले को 900 करोड़ का बताया जा रहा था, लेकिन एसीबी के महानिदेशक के अनुसार यह घोटाला 20,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है.

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अशोक गहलोत के 'नाक के बाल' थे महेश जोशी

महेश जोशी को अशोक गहलोत का बेहद भरोसेमंद माना जाता था, इसीलिए उन्हें पीएचईडी (PHED) जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपा गया था. एसीबी की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस घोटाले की आंच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक भी पहुंचेगी? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एसीबी डीजी से पूछा गया कि क्या गहलोत से पूछताछ होगी तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसकी भी जरूरत होगी, उससे पूछताछ और गिरफ्तारी की जाएगी.

फर्जी कागजात और मनमानी शर्तें

एसीबी की जांच में सामने आया है कि टेंडरों में मनमानी शर्तें रखी गईं और फर्जी कागजात लगाए गए. जानबूझकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां की गईं. इस मामले में अब तक 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी रैलियों में बार-बार संकेत दिया था कि भ्रष्टाचार करने वालों के दरवाजे तक आंच जरूर पहुंचेगी.

कांग्रेस की चुप्पी और लोकेश शर्मा का तंज

महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद पूरी कांग्रेस में 'सांप सूंघ गया' जैसी स्थिति है. न तो पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और न ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस पर कोई आधिकारिक बचाव किया है. वहीं, गहलोत के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा ने तंज कसते हुए महेश जोशी को 'सत्य बोलने' की सलाह दी है और संकेत दिया है कि अब सही समय है कि वे बड़े नामों का खुलासा करें.

 

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