बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल की कथित दूसरी शादी का मामला अब एक बड़े सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है. जोधपुर में आयोजित 'मारवाड़ प्रांतीय चारण सभा' की बैठक में चारण समाज के नेताओं ने मानवेंद्र सिंह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की अपील की है. इस अपील के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
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'राजपूत-चारण भाई-बहन का रिश्ता कलंकित किया'
चारण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि राजपूत और चारण समाज के बीच सदियों से भाई-बहन का पवित्र रिश्ता रहा है. राजपूत समाज चारण की बेटियों को अपनी बहन-बेटी मानता है. समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि मानवेंद्र सिंह ने एक चारण लड़की से विवाह कर इस परंपरा और मर्यादा को तार-तार कर दिया है. उन्होंने इसे राजपूत समाज के लिए 'कलंक' और चारण समाज के लिए 'सत्यानाश' करार दिया.
BJP से बाहर निकालने की मांग
समाज के नेताओं ने केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक कार्रवाई की भी मांग की है. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को पत्र लिखकर मानवेंद्र सिंह को भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित करने की मांग की जाएगी. उनका कहना है कि ऐसे 'चरित्रहीन' व्यक्ति को पार्टी में रखना बीजेपी के हित में नहीं है.
पूर्ण बहिष्कार की अपील
चारण समाज ने बाड़मेर और जोधपुर के लोगों से अपील की है कि, मानवेंद्र सिंह की किसी भी मीटिंग या कार्यक्रम में न जाएं. साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार का आदर-सत्कार न दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा है कि, जिस लड़की से उन्होंने विवाह किया है और उसके परिवार का भी पूर्ण सामाजिक बहिष्कार किया जाए.
स्वर्गीय जसवंत सिंह के सम्मान का दिया हवाला
बैठक में वक्ताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जसवंत सिंह जसोल के चारण समाज के प्रति प्रेम और सम्मान को याद किया. उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह जी चारणों को पूजनीय मानते थे और समाज भी उनके लिए जान छिड़कता था. वक्ताओं ने दुख जताया कि उसी परिवार के बेटे ने आज समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है.
राजपूत समाज से भी सहयोग की मांग
चारण समाज ने राजपूत समाज से भी आह्वान किया है कि वे ऐसे 'कुल कलंकित' व्यक्ति को समाज में स्थान न दें और उनके बहिष्कार में सहयोग करें. बैठक की अध्यक्षता देवल साहब ने की और अंत में मानवेंद्र सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया.
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