राजस्थान की राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में शुमार स्वर्गीय जसवंत सिंह के परिवार में इन दिनों भारी सियासी और पारिवारिक घमासान मचा हुआ है. विवाद की जड़ पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल और निरजा चारण के बीच का रिश्ता है. इस रिश्ते को लेकर जसोल परिवार दो धड़ों में बंट गया है और मामला अब सार्वजनिक रूप से पुलिस और सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है. विस्तार से जानिए पूरा मामला.
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परिवार ने जारी किया बहिष्कार पत्र
मानवेंद्र सिंह के बेटे हमीर सिंह जसोल ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा कर साफ किया है कि परिवार मानवेंद्र सिंह के किसी भी बाहरी महिला (गैर-राजपूत) के साथ रिश्ते या विवाह को मान्यता नहीं देता है. इस पत्र में मानवेंद्र सिंह की मां शीतल कंवर, उनके भाई भूपेंद्र सिंह और उनकी बेटी हर्षिनी कुमारी के नाम भी शामिल हैं. परिवार का कहना है कि यह मानवेंद्र सिंह का नितांत व्यक्तिगत निर्णय है और इसमें परिवार की कोई सहमति नहीं है.
महल के गेट पर हाई वोल्टेज ड्रामा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें 90 वर्षीय शीतल कंवर अपने बेटे मानवेंद्र सिंह को घर में घुसने से रोकती नजर आ रही हैं. वीडियो में वह पुलिस की मौजूदगी में कड़े लहजे में कह रही हैं कि वह इस रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगी और बेटे को घर की दहलीज पार नहीं करने देंगी. शीतल कंवर को जसोल परिवार के संस्कारों और तहजीब की रक्षक माना जाता है, और वह इस उम्र में भी अपने परिवार के मान-सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी हैं.
कौन हैं निरजा और कैसे शुरू हुई कहानी?
निरजा जोधपुर में एक कार शोरूम (जीप कंपास) में कार्यरत थीं. बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह से उनकी मुलाकात कार खरीदने के दौरान हुई थी. मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह की सड़क हादसे में हुई आकस्मिक मौत के बाद, जब मानवेंद्र सिंह अकेलेपन और शारीरिक चोटों (टूटी पसलियों) से जूझ रहे थे, तब निरजा उनके करीब आईं. 60 वर्षीय मानवेंद्र सिंह और करीब 30 वर्षीया निरजा के बीच का यह रिश्ता अब विवाह में बदल चुका है, जिसे मानवेंद्र सिंह ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ जाकर स्वीकार भी किया है.
मोहब्बत या संपत्ति की साजिश?
समाज और सोशल मीडिया पर इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग राय है. जहां कुछ लोग इसे मानवेंद्र सिंह का निजी अधिकार बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे जसोल परिवार की अरबों की संपत्ति पर नजर रखने वाली 'प्लांटेड साजिश' करार दे रहे हैं. राजपूत समाज के कुछ वर्गों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चारण समाज की बेटियों को पारंपरिक रूप से 'बहन-बेटी' माना जाता है, ऐसे में यह विवाह सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है. फिलहाल, मानवेंद्र सिंह बाड़मेर के दौरों पर व्यस्त हैं और निरजा को अपनी ताकत बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शीतल कंवर और उनका परिवार इस रिश्ते के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है.
यहां देखें वीडियो
मानवेंद्र सिंह जसोल के साथ किस महिला का नाम जुड़ा, क्यों मचा इतना बवाल, अंदर की कहानी क्या है?
जोधपुर: मां-बेटे के विवाद के बाद एक और नई वीडियो आई, मानवेंद्र सिंह के साथ कार में दिखी महिला कौन?
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