Mayawati On Dalit Girl Student Murder: राजस्थान के करौली में एक दलित कॉलेज छात्रा (Dalit College Student) का शव कुएं में मिलने से पूरे इलाके में बवाल मचा हुआ है. राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा समेत बीजेपी के तमाम नेता छात्रा के परिजनों के साथ हिंडौन सिटी के राजकीय अस्पताल में डेरा डाले हुए हैं. राजस्थान समेत देशभर के कई नेता इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं. अब इस मामले पर यूपी की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती का बयान भी सामने आया है.
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मायावती ने ट्विटर पर लिखा- “राजस्थान में दलित उत्पीड़न/हत्या का मामला अति-दुःखद है और यह वहां की राज्य सरकार के लिए अति-शर्म की बात है. करौली जिले में घर में सोई हुई दलित बच्ची का अपहरण व हत्या करके एसिड से जली उसकी लाश को कुएं में फेंक दिया गया. इस सुनियोजित जातिवादी घटना की जितनी भी निन्दा की जाए वह कम है.”
कांग्रेस-बीजेपी दोनों पर साधा निशाना
मायावती ने कहा कि वैसे तो कांग्रेस या बीजेपी जैसी अन्य पार्टियों की सरकारों से गरीबों, मजलूमों, दलितों, आदिवासियों और अति पिछड़ों की सुरक्षा व सम्मान की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती. फिर भी सरकार से मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे.
गैंगरेप के बाद एसिड डालकर हत्या करने का आरोप
बीजेपी नेता किरोड़ीलाल मीणा ने घटना को गैंगरेप बताते हुए कहा था कि रात के 3 बजे बदमाशों ने छात्रा को उठाया और जंगल में गैंगरेप किया. मां तक को पता नहीं लगा. गैंगरेप के बाद छात्रा पर एसिड डालने से उसका पूरा शरीर झुलस गया. इसके बाद उसे कुएं में डाल दिया जिससे उसकी मौत हो गई.
पुलिस पर भी गंभीर आरोप
राज्यसभा सांसद ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जघन्य हत्या होने के बाद भी पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम नहीं बुलाई. बिना टीम के ही कुएं से शव बाहर निकलवा कर उप स्वास्थ्य केंद्र नादौती पहुंचाया. वहां पर महिला चिकित्सक नहीं होने पर शव को राजकीय अस्पताल हिंडौन सिटी लाया गया.
ये है परिजनों की मांग
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा और मृतका के परिजनों का कहना है कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक युवती के ऊपर एसिड फेंकने वाले और उसके साथ गैंगरेप करने वाले गिरफ्तार नहीं हो जाते. साथ में पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी भी दी जाए.
दीया कुमारी समेत कई बीजेपी नेताओं ने DGP से की मुलाकात
दलित छात्रा के साथ दरिंदगी की इस घटना को लेकर शुक्रवार को राजसमंद सांसद दीया कुमारी, भरतपुर सांसद रंजीता कोली और राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने डीजीपी उमेश मिश्रा से मुलाकात की. उन्होंने डीजीपी से मिलकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की भी मांग की.
इनपुट: राजस्थान तक के लिए करौली से गोपाल लाल माली और जयपुर से विशाल शर्मा की रिपोर्ट
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