Rajasthan’s Right to health bill: राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल पर डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने माना कि 50 या उससे ज्यादा बेड वाले निजी अस्पताल पर ये बिल लागू होगा. डॉक्टरों का प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सवाल उठा कि जब करीब 3 फीसदी निजी अस्पतालों पर ही ये कानून लागू होगा तो फिर राइट टू हेल्थ बिल का आम लोगों का क्या फायदा होगा? इधर शुक्रवार को कांग्रेस के सीनियर लीडर पवन खेड़ा और राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
ADVERTISEMENT
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा- बिल पास होने के बाद उसे राज्यपाल के पास भेजा गया है. वहां से साइन के बाद ये कानून बन जाएगा. डॉक्टरों की मांग थी कि सरकार बिल वापस ले. हमने कह दिया कि किसी भी कीमत पर बिल वापस नहीं लेंगे. आपकी बात के लिए बिल न ही संसोधित करेंगे न ही वापस लेंगे. कोई बात होगी तो रुल्स में डाल देंगे. इस विरोध में 50 बेड से नीचे वाले अस्पतालों की डिमांड थी कि उन्हें इसमें शामिल नहीं करें. हमने कह दिया नहीं करेंगे. अगले महीने रूल्स बन जाएंगे. गहलोत सरकार ने मेनिफेस्टों के सभी 99 वादों को पूरा किया गया है.
हम प्राइवेट को फोर्स नहीं कर रहे
परसादी लाल मीणा ने कहा- हम प्राइवेट अस्पतालों को फोर्स नहीं कर रहे. उम्मीद है नियम बनने के बाद वे खुद जुड़ेंगे. परसादी लाल मीणा ने रामायण कालीन लंका में सुषेन वैद्य का उदाहरण देते हुए कहा कि दुश्मन का वैद्य होने के बाद बावजूद उन्होंने संजीवनी का पता बताया. डॉक्टर जब अपने धर्म की पहचान करेंगे तो खुद इससे जुड़ेंगे. सरकार नियम बनाते समय उन बातों का ध्यान रखेगी जिनपर उनका विरोध है. इसके साथ ही राज्य सरकार अपने संसाधानों को बढ़ाएगी.
राजस्थान में सबसे ज्यादा पीएचसी-सीएचसी
परसादी लाल मीणा ने कहा- राजस्थान में सबसे ज्यादा सीएचसी, पीएचसी खोले गए हैं. देश भर में राजस्थान इस मामले में आगे है. फिलहाल जांच के लिए इन अस्पतालों को 15 लाख रुपए एडवांस में दिए गए हैं ताकि मशीनें नहीं होने पर प्राइवेट से कॉन्ट्रैक्ट करके मरीजों का फ्री में जांच कराएं. पीएचसी-सीएचसी में भी बहुत जल्द सीटी स्कैन, एमआरआई समेत कई जांचों की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगीं. कानून बना है तो लागू करने की जिम्मेदारी भी सरकार की है.
पर्यटकों का भी होगा इलाज- परसादी लाल मीणा
परसादी लाल मीणा ने कहा कि यदि कोई टूरिस्ट राजस्थान में दुर्घटना में घायल हो जाता है तो उसका इलाज भी राइट टू हेल्थ के तहत फ्री में होगा. फिलहाल 50 या इससे ज्यादा बेड वाले निजी अस्पताल, जिन अस्पतालों को सरकार ने फ्री लैंड दिया है वो और सरकारी अस्पताल राइट टू हेल्थ के तहत फ्री इलाज देंगे.
यह भी पढ़ें: राजस्थान के 97 फीसदी निजी हॉस्पिटल राइट टू हेल्थ से बाहर! जानिए क्या मिला इस बिल से?
ADVERTISEMENT


