राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा इलाके में खरीफ की फसल की बुआई से ठीक पहले खाद (डीएपी) की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. भीषण गर्मी में खाद की किल्लत से परेशान होकर हजारों किसान और महिलाएं सड़कों पर उतर आए हैं. किसानों की इस बड़ी समस्या को लेकर नेता नरेश मीणा ने मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जिला कलेक्टर को खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर किसानों को तुरंत खाद नहीं मिली, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
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एसडीएम के सामने दंडवत, प्रशासन को अल्टीमेटम
नरेश मीणा ने बताया कि उन्होंने 12 तारीख को ही एसडीएम मैडम से मिलकर खाद की किल्लत और इसकी कालाबाजारी की शिकायत की थी. उस समय प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि 80 फीसदी किसानों को खाद मिल चुकी है और बाकी को भी ₹1350 की तय दर पर डीएपी खाद दिला दी जाएगी. लेकिन हकीकत इसके उलट है. भीषण गर्मी में माताएं-बहनें खाद की लाइनों में खड़ी होकर बेहोश हो रही हैं और कृषि विभाग ने आदेश जारी कर दिया है कि खाद खत्म हो गया है.
आज अन्न छोड़ेंगे, कल रोकेंगे रेल
नरेश मीणा ने प्रशासन को आज शाम तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा, "अगर आज शाम तक छबड़ा के पीड़ित किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो मैं अन्न त्याग दूंगा और आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा." उन्होंने आगे सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि इस गांधीवादी तरीके से भी बात नहीं बनी, तो अगला कदम छबड़ा में रेल रोकना (चक्का जाम करना) होगा. किसानों का आरोप है कि डीएपी खाद की जमकर कालाबाजारी हो रही है और खाद को मध्य प्रदेश भेजा जा रहा है. अब देखना होगा कि इस चेतावनी के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है.
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