NEET Paper Leak: आरोपी के 'सियासी' रसूख और पारिवारिक सिंडिकेट का खुलासा, राजस्थान से दिल्ली तक हड़कंप

NEET Paper Leak: नीट 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिवाल के बीजेपी नेताओं से संबंधों और उसके पारिवारिक सिंडिकेट का खुलासा हुआ है. आरोपी का बेटा 10-10 लाख में पेपर बेच रहा था. एसओजी ने 150 संदिग्ध छात्रों की सूची सीबीआई को दी है.

NEET Paper Leak
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शरत कुमार

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NEET Paper Leak: नीट-2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस पूरे प्रकरण में 'सियासी कनेक्शन' और एक संगठित पारिवारिक सिंडिकेट की बात सामने आई है. राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) द्वारा गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई जंग छिड़ गई है.

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विधायक की पोस्ट और आरोपी का रसूख

जमवारामगढ़ से बीजेपी विधायक महेंद्र पाल मीणा के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पुरानी पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने दिनेश बिवाल को भाजपा का 'ऊर्जावान कार्यकर्ता' बताया था. इतना ही नहीं, जयपुर शहर के प्रमुख चौराहों पर दिनेश द्वारा बीजेपी नेताओं के साथ लगवाए गए होर्डिंग्स भी अब जांच और चर्चा के घेरे में हैं. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए हैं.

जमवारामगढ़ से 6 नवंबर 2025 की एक और पोस्ट सामने आई है, जिसमें दिनेश बिवाल परिवार के पांच बच्चों के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS चयन पर बधाई देता नजर आ रहा है. जांच में सामने आया है कि इस परिवार के तीन लोग अब तक NEET 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं.

बाप-बेटे का 'नेटवर्क'

जांच में पता चला है कि यह एक पारिवारिक धंधा बन गया था. दिनेश बिवाल का नाबालिग बेटा जो सीकर में रह रहा था, वह अपने पिता से प्राप्त पेपर को अन्य छात्रों को 10-10 लाख रुपये में बेचने का काम कर रहा था. आरोपी दिनेश ने नवंबर 2025 में एक पोस्ट कर अपने परिवार के 5 बच्चों के एमबीबीएस में चयन की बधाई दी थी, जिनमें से तीन अब नीट लीक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं.

700 छात्रों का टेलीग्राम ग्रुप और सीबीआई की रेड

मामले के तार देहरादून तक भी जुड़े हैं. गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया ने खुलासा किया है कि वह टेलीग्राम के जरिए 700 से अधिक छात्रों को 'गेस पेपर' के नाम पर लीक सामग्री का अभ्यास करवा रहा था. एसओजी ने करीब 150 ऐसे छात्रों की सूची सीबीआई को सौंपी है, जो इस संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में थे. फिलहाल सीबीआई दिनेश बिवाल, मांगीलाल और सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र विकास बिवाल को दिल्ली ले गई है, जहां उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा.

आर्थिक लेन-देन की जांच जारी

एसओजी अब इस गिरोह के मोबाइल चैट और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि पेपर लीक का यह पैसा कहां-कहां पहुंचा. एजेंसी का कहना है कि किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे उसके तार कितने ही ऊंचे क्यों न हों.

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