NEET Paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राष्ट्रीय स्तर पर एक बेहद हैरान करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश हो रहा है.
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पीवी कुलकर्णी ने रची बड़ी साजिश
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से रसायन शास्त्र (Chemistry) के शिक्षक पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया गया है, जो सीधे तौर पर एनटीए (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था. हैरानी की बात यह है कि कुलकर्णी लातूर में एक निजी कोचिंग संस्थान भी चलाता था.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि एक निजी कोचिंग संचालक को एनटीए ने पेपर सेटर या परीक्षा व्यवस्था का हिस्सा कैसे बनने दिया? कुलकर्णी ने जो गेस पेपर तैयार किया था, उसमें मुख्य नीट परीक्षा के केमिस्ट्री के सभी 45 के 45 सवाल हूबहू शामिल थे, जो ट्रेडिशनल तरीके से पूरे देश में वन-टू-वन लीक किए गए.
परीक्षा से ठीक एक महीने पहले नए डीजी की नियुक्ति
नीट परीक्षा 3 मई को आयोजित होनी थी, लेकिन सरकार ने ठीक एक महीने पहले यानी 1 अप्रैल 2026 को नए डीजी अभिषेक सिंह की नियुक्ति की. जबकि देश की इतनी बड़ी परीक्षा का पूरा सिस्टम कई महीनों पहले ही सेट हो जाता है.
'मगरमच्छ' खुलेआम घूम रहे, छोटे मोहरों पर गिर रही गाज
सीबीआई द्वारा दिल्ली की अदालत में पेश की गई थ्योरी के मुताबिक, राजस्थान के सीकर से गिरफ्तार आरोपी मांगीलाल ने महाराष्ट्र के शुभम खैरनार से संपर्क किया था और वहां से पेपर यश यादव के जरिए लीक हुआ था. हालांकि, इस पूरे मामले में 'सिस्टम के असली मगरमच्छों' को बचाने का आरोप लगाया जा रहा है.
मांगीलाल के परिवार की पृष्ठभूमि और उसके बेटे के एकेडमिक रिकॉर्ड (10वीं में 43%, फिजिक्स में 23 और केमिस्ट्री में 29 नंबर) को देखते हुए यह साफ है कि वे केवल एक कूरियर या बिचौलिए का हिस्सा थे, असली मास्टरमाइंड कोई और है. जिस तरह आरपीएससी (RPSC) के इतिहास में केवल बाबूलाल कटारा या रामू राम रायका जैसे लोगों को ही बलि का बकरा बनाया गया, ठीक उसी तरह नीट घोटाले में भी बड़ी मछलियों को छूने से बचा जा रहा है.
कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) भी नहीं है पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगामी समय में परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड पर कराने की बात कही है. हालांकि राजस्थान में सीबीटी का प्रयोग पहले भी फेल हो चुका है, क्योंकि परीक्षा केंद्रों के आईटी इंचार्ज और निजी कंपनियां ही भ्रष्ट निकलती हैं.
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