NEET Paper Leak: शुभम खैरनार से बिंवाल परिवार तक, ऐसे चलता था मेडिकल सीटों का खेल; रडार पर कई राज्य

NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच के दौरान महाराष्ट्र के MBBS छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया है, जो ₹10 लाख में पेपर खरीदकर ₹15 लाख में बेचता था। वहीं राजस्थान के सीकर का बिंवाल परिवार भी शक के घेरे में है.

NEET Paper Leak
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शरत कुमार

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NEET (UG) पेपर लीक मामले में सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, देश के कई राज्यों में फैले एक बेहद मजबूत और संगठित सिंडिकेट का खुलासा हो रहा है. इस महाघोटाले के तार अब महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और जम्मू-कश्मीर से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. करोड़ों रुपये के लेन-देन वाले इस खेल में दो नाम सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आए हैं - शुभम खैरनार और सीकर का बिंवाल (बेवाल) परिवार.

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कौन है शुभम खैरनार?

महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला शुभम खैरनार खुद एक एमबीबीएस का छात्र है. जांच में सामने आया है कि शुभम इस सिंडिकेट में एक 'मिडिल लिंक' (दलाल) की भूमिका निभा रहा था. उसने पुणे के सप्लायर यश यादव से कथित तौर पर 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा और उसे आगे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया, यानी महज एक डील में ही 5 लाख रुपये का मुनाफा कमाया.

लुक बदलकर घूम रहा था आरोपी

गिरफ्तारी से बचने के लिए शुभम ने अपना हेयर स्टाइल और पूरा लुक बदल लिया था. हालांकि, टेक्निकल सर्विलांस और पुराने फोटो मैचिंग की मदद से पुलिस ने उसे मंगलवार को उस वक्त धर दबोचा जब वह मंदिर जा रहा था. शुभम के मोबाइल से मिले चैट लॉग्स से खुलासा हुआ है कि वह अभ्यर्थियों को नीट में 500 से 600 नंबर दिलवाने और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कराने की शत-प्रतिशत गारंटी देता था. एजेंसियों का मानना है कि परीक्षा (3 मई) से काफी पहले, यानी 29 अप्रैल को ही पेपर लीक होकर सिंडिकेट के पास पहुंच चुका था.

रडार पर 'सीकर-दौसा बेल्ट'

राजस्थान का सीकर और दौसा बेल्ट इस वक्त जांच एजेंसियों के मुख्य रडार पर है. पेपर बेचने के आरोपी दिनेश और मांगीलाल बिंवाल के घर जब ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए टीम पहुंची, तो घर की महिलाओं ने जमकर आक्रोश जताया और कहा कि उन्होंने बकरियां चराकर बच्चों की फीस भरी है. हालांकि, जांच में सामने आया है कि पिछले दो साल में इस परिवार के कई सदस्यों ने नीट परीक्षा पास की है, जिनमें प्रगति बिंवाल भी शामिल है.

सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि इन चयनित अभ्यर्थियों के नंबरों में कोई असामान्य पैटर्न तो नहीं है और क्या परिवार का ही एक बेटा अभ्यर्थियों को जोड़ने तथा पैसों के लेन-देन में शामिल था. फिलहाल जांच जारी है और लीक का दायरा जयपुर, सीकर, गुरुग्राम से लेकर केरल तक फैला हुआ है.

 

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