NEET Paper Leak: राजस्थान में NEET पेपर लीक के तार अब सीकर के बड़े कोचिंग संस्थानों से जुड़ते नजर आ रहे हैं. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश और मांगीलाल के बच्चों को लेकर दावा किया जा रहा था कि वे सीकर की प्रसिद्ध 'CLC कोचिंग' में पढ़ते थे. Rajasthan Tak की टीम ने जब सच्चाई जानने के लिए CLC के डायरेक्टर श्रवण चौधरी से सीधी बात की, तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए और रिकॉर्ड पेश किए.
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'हमारे यहां से रिफंड लेकर जा चुका है ऋषि'
डायरेक्टर श्रवण चौधरी ने बताया कि आरोपी दिनेश का बेटा ऋषि, जिसका नाम इस विवाद में उछल रहा है, उसने 11वीं कक्षा में एडमिशन जरूर लिया था. लेकिन उसने अपनी फीस का रिफंड ले लिया था. उन्होंने सबूत के तौर पर बताया कि 28 मई 2024 को ऋषि को 17,000 रुपये ऑनलाइन रिफंड कर दिए गए थे. यानी वह संस्थान छोड़ चुका था और वर्तमान में वहां का छात्र नहीं है.
टेस्ट सीरीज में थे बच्चे, पर नहीं है सिलेक्शन का दावा
जमवारामगढ़ के जिन चार बच्चों (मांगीलाल और घनश्याम के बच्चे) के पिछले साल एमबीबीएस में चयन की बात हो रही है, उन्हें लेकर डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि वे बच्चे संस्थान के रेगुलर क्लासरूम प्रोग्राम में नहीं बल्कि सिर्फ टेस्ट सीरीज में शामिल थे. उन्होंने यह भी साफ किया कि संस्थान की आधिकारिक सिलेक्शन बुकलेट में इन बच्चों का नाम नहीं है, क्योंकि इन्होंने रिजल्ट आने के बाद संस्थान को कोई जानकारी साझा नहीं की थी.
'गेस पेपर' की थ्योरी को नकारा
सीकर में गेस पेपर के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और पेपर लीक के आरोपों पर श्रवण चौधरी ने कहा कि उन्हें इस बारे में अखबारों के माध्यम से ही पता चला. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी जानकारी में संस्थान के किसी टीचर या स्टाफ का ऐसे किसी भी पेपर या गिरोह से कोई संबंध नहीं है.
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