NEET Paper Leak: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. खुद को व्हिसलब्लोअर बताने वाले शशिकांत शर्मा ने दावा किया है कि राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार के प्रशासन और विशेषकर सीकर एसपी (SP) प्रवीण ननावत को 3 मई को ही पेपर लीक होने की जानकारी मिल गई थी. शशिकांत का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को राज्य सरकार या एसओजी (SOG) को बताने के बजाय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भेजने की रणनीति बनाई थी.
ADVERTISEMENT
व्हिसलब्लोअर का बड़ा दावा
शशिकांत शर्मा ने कई मीडिया चैनलों पर आकर यह दावा किया है कि पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद वे, कोचिंग डायरेक्टर्स और मकान मालिक प्रशासन के पास गए थे. उनके मुताबिक, सीकर एसपी प्रवीण ननावत ने पर्दे के पीछे रहकर उनकी पूरी मदद की और गाइड किया कि इस मुद्दे को नेशनल लेवल पर कैसे उठाया जाए, ताकि बच्चे पैनिक न हों. उनका कहना है कि इस पूरे प्लान में कोचिंग संस्थान 'गुरु कृपा' के मालिक भी शामिल थे.
एसपी और कलेक्टर ने किया दावों को खारिज
जब इस मामले में राजस्थान तक ने सीकर एसपी प्रवीण ननावत से संपर्क किया, तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. एसपी ने कहा कि यह शख्स पूरी तरह झूठ बोल रहा है और वे उसे जानते तक नहीं हैं. वहीं, सीकर के कलेक्टर आशीष मोदी ने भी इस तरह की किसी भी जानकारी होने से साफ इनकार किया है. ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि 3 मई से लेकर 7 मई की शाम तक चार दिनों तक सीकर प्रशासन में आखिर क्या खिचड़ी पक रही थी.
क्या दलित परिवार को बनाया जा रहा है बलि का बकरा?
यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या इस पूरे खेल में एक दलित परिवार (विवाल परिवार) को मोहरा बनाकर बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है. सियासत के जानकारों का मानना है कि एक आम दलित परिवार इतना रसूखदार नहीं हो सकता कि सब कुछ दांव पर लगाकर पेपर खरीद ले. इस मामले में सीबीआई (CBI) की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जहां महाराष्ट्र में गिरफ्तारियां हो रही हैं, वहीं सीकर के मुख्य किरदारों तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं.
इस पूरे मामले को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अब भजनलाल सरकार पर बेहद हमलावर है और दिल्ली से लेकर जयपुर तक सरकार को घेरने में जुटी हुई है.
ADVERTISEMENT


