Neet Success Story: फौजी के बेटे गौरव सिंह ने लहराया परचम, नीट परीक्षा में हासिल की देश में 9वीं रैंक

हिमांशु शर्मा

17 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 17 2026 12:37 PM)

राजस्थान के खैरथल के रहने वाले गौरव सिंह ने नीट यूजी में देश भर में 9वीं रैंक हासिल की है. फौजी के बेटे गौरव ने कोटा से तैयारी कर 720 में से 705 अंक प्राप्त किए. परीक्षा रद्द होने के बाद भी परिवार के सहयोग से उन्होंने हौसला बनाए रखा और यह बड़ी सफलता हासिल की.

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NEET UG Result: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले गौरव सिंह ने नीट यूजी परीक्षा (NEET UG) में कमाल कर दिया है. मुंडावर क्षेत्र के गादूवास गांव के गौरव ने इस कठिन परीक्षा में देश भर में 9वीं रैंक हासिल कर अपने इलाके का नाम रोशन किया है. गौरव ने परीक्षा में 720 में से 705 अंक हासिल किए हैं. इस शानदार सफलता के बाद से ही उनके परिवार और गांव में जश्न का माहौल है.

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पेपर रद्द होने से बढ़ी थी परेशानी, परिवार ने बढ़ाया हौसला

गौरव ने कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट से रहकर परीक्षा की तैयारी की थी. उन्होंने बताया कि जब नीट परीक्षा को लेकर विवाद हुआ और परीक्षा दोबारा कराने का फैसला आया, तो वह काफी परेशान हो गए थे. पहली बार हुई परीक्षा में भी गौरव ने 705 अंक हासिल किए थे. परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा तैयारी करने में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन उनके माता-पिता और बड़ी बहन ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया. परिवार के लगातार मोटिवेशन की बदौलत गौरव ने दोबारा परीक्षा में भी 705 अंक हासिल कर अपनी योग्यता साबित कर दिखाई.

फौजी पिता और मेडिकल की छात्रा बहन से मिली प्रेरणा

गौरव के पिता राजेश सिंह भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं. वहीं उनकी बड़ी बहन अनुजा भी अलवर के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रही हैं. गौरव की मां गृहणी हैं. वर्तमान में गौरव का परिवार अलवर के हनुमान सर्किल के पास रहता है, जबकि बाकी परिजन गांव में ही हैं. गौरव ने अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और बहन को दिया है.

सफलता का मंत्र: लक्ष्य तय करें और कभी हार न मानें

अपनी सफलता पर बात करते हुए गौरव ने युवाओं को एक खास संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि युवाओं को कभी भी मुश्किल हालातों से घबराकर हार नहीं माननी चाहिए. लगातार प्रयास करना बेहद जरूरी है. जब तक आप अपना एक लक्ष्य तय नहीं करेंगे, तब तक सफलता मिलना मुश्किल है. फिलहाल, इस ऐतिहासिक सफलता के बाद गौरव को कोटा में कोचिंग संस्थान की ओर से सम्मानित करने के लिए बुलाया गया है.