2 लाख लोग, भव्य जनसभा और पीएम मोदी... आग ने कैसे बिगाड़ा पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन का खेल!

राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में रविवार दोपहर भीषण आग लगने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 21 अप्रैल का प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया गया है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और फिलहाल उद्घाटन समारोह को आगे बढ़ा दिया गया है.

बीजापुर
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दिनेश बोहरा

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राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में स्थित एचपीसीएल (HPCL) रिफाइनरी में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब सोमवार (21 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का भव्य उद्घाटन करने वाले थे. आग इतनी भयावह थी कि सुरक्षा कारणों और व्यवस्थाओं के चलते प्रधानमंत्री का दौरा स्थगित कर दिया गया है. अचानक हुए इस हादसे ने जयपुर से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.

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उद्घाटन की तैयारियां थीं अंतिम चरण में

एशिया की सबसे आधुनिक रिफाइनरी मानी जाने वाली पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए राजस्थान की भजनलाल सरकार और प्रशासन पिछले कई दिनों से जुटा हुआ था. 21 अप्रैल को एक विशाल जनसभा की तैयारी थी, जिसमें करीब 2 लाख लोगों के आने का लक्ष्य रखा गया था. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद रविवार शाम 4 बजे तैयारियों का जायजा लेने पहुंचने वाले थे, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे लगी आग ने पूरी योजना पर पानी फेर दिया.

हादसा या साजिश? उठ रहे सवाल

रिफाइनरी का इतिहास शिलान्यास के समय से ही विवादों और देरी से भरा रहा है. साल 2013 में तत्कालीन यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी ने इसका शिलान्यास किया था, जिसे बाद में बीजेपी सरकार ने एमओयू रिव्यू के नाम पर आगे बढ़ाया. 2018 में पीएम मोदी ने दोबारा इसका कार्यभार शुरू किया. अब जब प्रोजेक्ट बनकर तैयार था और उद्घाटन की घड़ी नजदीक थी, तभी आग लग जाना कई सवाल खड़े कर रहा है. लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?

प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत और देरी

रिफाइनरी प्रोजेक्ट अपनी शुरुआत से ही देरी का शिकार रहा है. 2013 में इसकी अनुमानित लागत करीब ₹37,000 करोड़ थी, जो वक्त के साथ बढ़कर अब ₹72,000 करोड़ के पार पहुंच चुकी है. कोविड-19 के कारण भी इसके काम में काफी रुकावट आई थी. गहलोत सरकार के समय भी इसे पूरा करने की कोशिशें हुईं, लेकिन अंततः अब भजनलाल सरकार के कार्यकाल में यह उद्घाटन के लिए तैयार हुई थी.

प्रशासन ने साधी चुप्पी

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन रिफाइनरी के आंतरिक हिस्सों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका आकलन किया जा रहा है. सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी होने तक प्रधानमंत्री के अगले दौरे की तारीख तय नहीं की गई है.


 

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