राजस्थान के पाली जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. सोजत इलाके के सिंचियावास गांव में 'बच्चा चोरी' की एक अफवाह ने एक मां और उसकी बेटी को मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया. स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर फैली एक झूठी खबर ने ऐसी भीड़ तैयार की, जिसने बिना सच्चाई जाने एक लाचार महिला पर लाठियों और डंडों से हमला कर दिया.
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गोंद बेचने आई थीं, मिलीं लाठियां
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ गांव में गोंद (Gond) बेचने आई थी. इसी दौरान गांव में किसी ने अफवाह फैला दी कि ये महिलाएं बच्चा चोरी करने वाले गिरोह की सदस्य हैं. यह मैसेज आग की तरह फैला और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई. भीड़ ने न तो महिला की दलील सुनी और न ही उसकी चीख-पुकार पर रहम खाया.
तमाशा देखती रही भीड़, बनाते रहे वीडियो
हैरानी की बात यह है कि जब महिला को बेरहमी से पीटा जा रहा था, तब वहां मौजूद लोग उसे बचाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में मशगूल थे. चीखती-बिलखती मां और बेटी को बचाने के लिए एक भी हाथ आगे नहीं बढ़ा. इस बर्बर हमले में महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे पाली अस्पताल से उच्च चिकित्सा केंद्र (Higher Center) रेफर किया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है.
पुलिस की कार्रवाई
पाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है. अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वीडियो के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही किसी भी अफवाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और कानून को अपने हाथ में न लें.
यहां देखें वीडियो
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