Lok Sabha Election: प्रशांत किशोर ने बता दिया- राजस्थान में BJP कितनी सीटों पर सिमटेगी!

Lok Sabha Election 2024: राजस्थान की 25 सीटों के अलावा लोकसभा की सभी सीटों पर राजनैतिक विश्लेषण प्रशांत किशोर ने अपना आंकलन पेश किया है.

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21 May 2024 (अपडेटेड: 24 May 2024, 08:22 AM)

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राजस्थान में लोकसभा चुनाव 2024  (Rajasthan Lok Sabha Election 2024) में वोटिंग के बाद हर तरफ यही चर्चा है कि कहां कौन मार रहा बाजी. पार्टियां अपने-अपने दावे पेश कर रही हैं. वहीं राजनैतिक जानकार भी अपने विश्लेषण और तर्क बता रहे हैं.  वर्ष 2019 में एनडीए ने यहां 25 की 25 सीटें जीती थीं. वहीं इस बार खुद गृहमंत्री अमित शाह 1-2 सीटों के नुकसान का अनुमान जता रहे हैं. इधर राजनैतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने राजस्थान की 25 सीटों समेत देश की सभी लोकसभा सीटों पर आपना आंकलन बता दिया है. 

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इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के लिए अपने दम पर 370 सीटें हासिल करना असंभव है और अनुमान जताया कि पार्टी को लगभग 300 सीटें मिलेंगी.  

इस बार लोकसभा चुनाव के संभावित नतीजों पर पीके ने राय रखते हुए कहा कि साल 2019 के चुनावों में भाजपा ने अपनी 303 सीटें कहां हासिल की थी. इनमें 250 सीटें उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों से आईं. ऐसे में मुख्य सवाल यह है कि क्या भाजपा को इन क्षेत्रों में जरूरी नुकसान (50 या अधिक सीटें) का सामना करना पड़ रहा है? उन्होंने कहा कि फिलहाल बीजेपी के पास पूर्व और दक्षिण राज्यों में करीब 50 लोकसभा सीटें हैं. माना जा रहा है कि पूर्व और दक्षिण क्षेत्रों में भाजपा की हिस्सेदारी 15-20 सीटों पर बढ़ने की उम्मीद है, जबकि पार्टी को उत्तर और पश्चिम में कोई खासा नुकसान नहीं होगा. 

राजस्थान में बीजेपी को कितनी सीटों पर नुकसान?

वहीं, राजस्थान में सीटों को लेकर पीके ने जो कहा, वह बीजेपी को जरूर राहत देने वाला है. प्रशांत किशोर के मुताबिक राजस्थान और हरियाणा में बीजेपी को 2 से 5 सीटों का नुकसान ही हो सकेगा. यानी कांग्रेस के नेता राजस्थान में जिस डबल डिजिट सीटों का दावा कर रहे हैं, कहीं ना कहीं पीके का अनुमान उसके उलट है. 

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई राज्य नहीं है, जिसमें विपक्ष बंपर बढ़ोतरी करते हुए दिख रहा हो. पश्चिम और उत्तर के क्षेत्रों में भाजपा को अधिकतम भी 50 सीटों का नुकसान नहीं है. बल्कि इससे इतर पूर्व और दक्षिण के क्षेत्रों में इतनी बढ़ोतरी मिलेगी जिससे कि भाजपा की भरपाई हो सकेगी.  

पीके ने बता दी बीजेपी की क्या है कमजोरी!

कांग्रेस को नेतृत्व, जनसंपर्क से लेकर कई मुद्दों में अहम बदलाव करने होंगे. बीजेपी पर बात करते हुए कहा कि 10-12 सालों में कमजोरी भी है और वहीं ताकत भी है, जो बढ़ती जा रही है. दरअसल, मोदी की लोकप्रियता पर बीजेपी पूरी तरह निर्भर कर रही है. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की लोकप्रियता के बूते कांग्रेस राजनीति करती थी. 

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