'स्वरा भास्कर फालतू की बयानबाज़ी करती हैं': रानी पद्मावती की तुलना देवी से कर बोले प्रताप सिंह खाचरियावास

न्यूज तक डेस्क

03 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 3 2026 4:20 PM)

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने महारानी पद्मावती की तुलना देवियों से करते हुए कहा कि उनके त्याग और इतिहास को समझे बिना बयानबाजी करना पाप है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चर्चा में आने के लिए महान व्यक्तित्वों पर गलत टिप्पणी करना देश और संस्कृति का अपमान है.

स्वरा भास्कर- प्रताप सिंह
स्वरा भास्कर- प्रताप सिंह
Google CTA

राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर और महारानी पद्मावती पर टिप्पणी करने वाले लोगों पर तीखा हमला बोला है. खाचरियावास ने महारानी पद्मावती के त्याग और बलिदान को याद करते हुए उनकी तुलना सीधे देवियों से की और कहा कि देश की संस्कृति और इतिहास को समझे बिना कुछ लोग केवल चर्चा में आने के लिए बयानबाज़ी कर रहे हैं.

Read more!

"चर्चा में आने के लिए फालतू बयानबाज़ी कर रहे लोग"

राजस्थान तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा:

"देश की धर्म, संस्कृति, मां की गरिमा और उनके बलिदान को कुछ लोग समझते नहीं हैं. चर्चा में आने के लिए फालतू की बयानबाजी करना पाप है. भगवान, देवी और मां के लिए गलत शब्दों का प्रयोग करने वालों को इस पाप का परिणाम भुगतना पड़ेगा."

उन्होंने कहा कि जो लोग महारानी पद्मावती, महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू या बाबा साहेब अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों पर बिना समझे टिप्पणी करते हैं, वे सिर्फ खुद को सुर्खियों में लाना चाहते हैं.

महारानी पद्मावती देवी का रूप थीं

महारानी पद्मावती के जौहर और साहस का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.

साहस और बलिदान: महारानी पद्मावती खुद तलवार लेकर लड़ना जानती थीं और किले में मौजूद हर जाति-धर्म की महिलाओं ने धर्म की रक्षा के लिए जौहर किया था.

देवियों से तुलना: खाचरियावास ने कहा कि जब पैसा चाहिए तो लक्ष्मी मां, ज्ञान चाहिए तो सरस्वती मां और ताकत चाहिए तो दुर्गा मां का रूप याद आता है. महारानी पद्मावती भी इन्हीं देवियों के रूप में आई थीं.

खाचरियावास ने अंत में कहा कि महारानी पद्मावती का नाम लेने से व्यक्ति का जीवन सुधर जाता है और एक देवी का अपमान करना असल में पूरे भारत का अपमान है.

ये भी पढ़ें: Charchit Chehra: जौहर विवाद से चर्चा में आई स्वरा भास्कर हैं राहुल गांधी की जबरदस्त फैन? जानिए उनकी पूरी कहानी