Ruchi Gurjar in Cannes 2026: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े फिल्म समारोह 'कांस फिल्म फेस्टिवल' (Cannes Film Festival) में इस बार एक अनोखा नजारा देखने को मिला. रेड कारपेट पर जब बड़े-बड़े सितारे अपने ग्लैमरस अंदाज में पहुंच रहे थे, ठीक उसी वक्त राजस्थान की एक बेटी ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और मजबूत सोच से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया.
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घूंघट फैशन नहीं, महिलाओं की आवाज है
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र के छोटे से गांव मेहाड़ा गुर्जरवास की रहने वाली रुचि गुर्जर जब गुलाबी रंग के पारंपरिक राजस्थानी लहंगे, सिल्वर जरी की कढ़ाई, हाथों में चूड़ियां, पारंपरिक आभूषण और चेहरे पर पारदर्शी घूंघट डालकर कांस के रेड कारपेट पर उतरीं, तो हर कोई उन्हें देखता रह गया.
रुचि का यह लुक सिर्फ फैशन नहीं बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश था. सोशल मीडिया पर उनकी एक लाइन तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा, "मैंने घूंघट चुप रहने के लिए नहीं पहना, मैंने इसे अपनी बात कहने के लिए पहना है". उन्होंने पहली बार घूंघट को शर्म की जगह विरोध और बदलाव की ताकत के रूप में दुनिया के सामने पेश किया है. प्रसिद्ध डिजाइनर रूपा शर्मा ने रुचि का यह पूरा लुक तैयार किया था.
गांव की पगडंडियों से कांस के रेड कारपेट तक का सफर
एक साधारण गुर्जर परिवार में जन्मी रुचि गुर्जर का बॉलीवुड और कांस तक का सफर आसान नहीं था. हमारे समाज में आज भी लड़कियों का फिल्मों में जाना आसान नहीं माना जाता. शुरुआत में मां डरी हुई थीं और समाज के लोग ताने दे रहे थे, लेकिन रुचि के पिता ने हर कदम पर अपनी बेटी का साथ दिया. जयपुर के महारानी कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रुचि पिछले 5 सालों से मुंबई में सक्रिय हैं. उनकी फिल्म 'लाइफ' पहले ही रिलीज हो चुकी है और उनकी अगली फिल्म 'घूंघट' जल्द ही बड़े पर्दे पर आने वाली है.
पहले भी बटोर चुकी हैं सुर्खियां
यह पहला मौका नहीं है जब रुचि गुर्जर ने कांस में धमाल मचाया हो. इससे पहले 78वें कांस फिल्म फेस्टिवल में रुचि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला नेकलेस पहनकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जिसे उन्होंने पीएम मोदी के प्रति एक सम्मान (ट्रिब्यूट) बताया था. रुचि का मानना है कि महिलाओं का सम्मान उनकी बराबरी, आत्मविश्वास और आजादी से होना चाहिए, न कि उनकी पहचान छिपाने से.
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