Rajasthan Assembly Seats Increase: राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. आने वाले समय में राज्य की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संकेत दिया है कि जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन में प्रदेश में करीब 70 नई विधानसभा सीटें जोड़ी जा सकती हैं. यदि ऐसा होता है तो वर्तमान 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में कुल सीटें बढ़कर लगभग 270 से 280 तक पहुंच सकती हैं.
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परिसीमन के बाद बदल सकता है विधानसभा का स्वरूप
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के अनुसार, देश में जल्द ही नई जनगणना होने की संभावना है. इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी. इसी प्रक्रिया के दौरान जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्गठन किया जाता है. राजस्थान में भी इसी के तहत नई सीटें जोड़े जाने की संभावना बताई जा रही है.
फिलहाल राजस्थान विधानसभा में 200 विधायक हैं, लेकिन परिसीमन के बाद लगभग 70 से 80 नए विधायक जुड़ सकते हैं. इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए भविष्य की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.
280 विधायकों के लिए तैयार होगा विधानसभा हॉल
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला हॉल बनाने की योजना तैयार की जा रही है. इसके लिए भवन की संरचना पहले से तैयार की जा चुकी है, ताकि भविष्य में यदि सीटें बढ़ती हैं तो व्यवस्था करने में कोई परेशानी न हो.
49 साल बाद बढ़ सकती हैं विधानसभा सीटें
राजस्थान में विधानसभा सीटों की संख्या समय-समय पर बढ़ती रही है. 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कुल 160 सीटें थीं. 1957 में 16 सीटें बढ़ाकर संख्या 176 कर दी गई. 1967 में फिर 8 सीटों की बढ़ोतरी हुई और संख्या 184 पहुंच गई. इसके बाद 1977 में सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई.
इसके बाद पिछले लगभग 49 वर्षों से विधानसभा सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
किताब विमोचन कार्यक्रम में दिया संकेत
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने यह जानकारी जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी. यहां उनकी पुस्तक के विमोचन और विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनके दो साल के कार्यकाल से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.
देवनानी के इस बयान के बाद राज्य में परिसीमन और विधानसभा सीटों के संभावित पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
विधानसभा में बनेगा सेंट्रल हॉल
राजस्थान विधानसभा परिसर में संसद की तर्ज पर सेंट्रल हॉल बनाने की भी योजना है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसके लिए 14 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. इस हॉल में सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर चर्चा कर सकेंगे. यहां चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
विधान परिषद के लिए बने हॉल का हो सकता है उपयोग
वर्तमान में विधानसभा भवन में 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है. माना जा रहा है कि यदि परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ती है और 2028 के चुनाव तक नई व्यवस्था लागू होती है, तो मौजूदा सदन छोटा पड़ सकता है.
विधानसभा परिसर में पहले से ही विधान परिषद के लिए एक हॉल का ढांचा तैयार किया गया है. भविष्य में यदि विधायकों की संख्या बढ़ती है तो उसी हॉल को विकसित कर अतिरिक्त व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
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