राजस्थान की राजनीति में एक नया और मजबूत रिश्ता जुड़ गया है. प्रदेश सरकार में यूडीएच (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा और बीजेपी विधायक कुलदीप धनकड़ अब समधी बन गए हैं. मंगलवार को मंत्री झाबर सिंह खर्रा की बेटी अर्चना और विधायक कुलदीप धनकड़ के बेटे अनुज परिणय सूत्र में बंध गए. यह शादी न केवल दो परिवारों का मिलन थी, बल्कि राजस्थान की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक शादियों में से एक बन गई.
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दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
इस शाही शादी में राजस्थान की राजनीति के तमाम बड़े सितारे नजर आए. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा सहित बीजेपी के कई कद्दावर नेता नवदंपति को आशीर्वाद देने पहुंचे. दिलचस्प बात यह रही कि सत्ता पक्ष के साथ-साथ कांग्रेस के भी कई प्रमुख चेहरे इस समारोह में शामिल हुए.
शादी में 'गार्ड ऑफ ऑनर' पर छिड़ी बहस
शादी समारोह के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी. कार्यक्रम में राज्यपाल के आगमन पर उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया. किसी निजी समारोह में इस तरह के प्रोटोकॉल को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या निजी आयोजनों में इस तरह का सरकारी औपचारिकता निभाना उचित है. राजस्थान में संभवतः पहली बार किसी शादी में ऐसा दृश्य देखा गया.
रात 2 बजे हनुमान बेनीवाल की एंट्री
शादी का एक और आकर्षण नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल रहे. बेनीवाल रात के करीब 2:00 बजे समारोह में पहुंचे, उस समय फेरों की रस्म चल रही थी. जैसे ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लोगों की भारी भीड़ उन्हें देखने और उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उमड़ पड़ी.
सतीश पूनिया से बकरी चोरी की शिकायत
समारोह के दौरान एक रोचक वाकया तब हुआ जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया वहां पहुंचे. उसी समय एक व्यक्ति अपनी बकरी चोरी होने की शिकायत लेकर उनके पास पहुंच गया. यह घटना दर्शाती है कि राजस्थान की जनता अपने नेताओं से किस कदर जुड़ी हुई है और किसी भी माहौल में अपनी फरियाद लेकर उन तक पहुंच जाती है.
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