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Rajasthan Budget 2026 Live: युवाओं को 10 लाख तक का बिना ब्याज कर्ज, पेपर लीक रोकने के लिए बनेगी नई एजेंसी

LIVE Rajasthan Budget 2026: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी राज्य का नया बजट (2026-27) पेश कर रही हैं. यह उनका लगातार तीसरा बजट है. इस बजट में युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े ऐलान होने की उम्मीद है.

Rajasthan Budget
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न्यूज तक डेस्क

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LIVE Rajasthan Budget 2026: भजनलाल सरकार आज अपना तीसरा बजट पेश कर रही है, जिसे लेकर प्रदेश के लोगों में काफी उम्मीदें हैं. डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी सुबह 11 बजे से विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर रही हैं.  इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं, कर्मचारियों और शहर-गांव के विकास पर खास फोकस रहने की संभावना है. सरकार कई नई योजनाओं के साथ पुरानी मांगों को भी पूरा कर सकती है.

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  • 02:02 PM • 11 Feb 2026

    राजस्थान बजट 2026: विकास के लिए ₹1 लाख करोड़ का भारी निवेश और कर्ज प्रबंधन की नई तकनीक

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण के समापन में राजस्थान के भविष्य का 'आर्थिक बहीखाता' पेश किया है. इसमें बताया गया है कि राज्य कैसे कर्ज का बोझ कम करेगा और विकास पर खर्च बढ़ाएगा. सरकार ने इस बजट में 'वित्तीय अनुशासन' और 'पूंजीगत विकास' (Capital Expenditure) के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को $4.3 ट्रिलियन के लक्ष्य की ओर ले जाया जा सके.

    बजट का गणित: कमाई और खर्च (अनुमान 2026-27)

    कुल कमाई (राजस्व प्राप्तियां): ₹3,25,740 करोड़

    कुल खर्च (राजस्व व्यय): ₹3,50,054 करोड़

    राजस्व घाटा: ₹24,313 करोड़

    राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): ₹79,492 करोड़ (यह राज्य की कुल जीडीपी का 3.69% है, जो तय सीमा के भीतर है).

    बजट की 5 बड़ी बातें:

    विकास पर रिकॉर्ड खर्च: इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, बिजली, पानी) के लिए कुल ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा. यह पिछले साल से करीब 37% ज्यादा है.

    कर्ज मैनेजमेंट से बचत: सरकार ने पहली बार RBI के विशेष फंड्स में निवेश और 'लोन स्विचिंग' (पुराने महंगे कर्ज को सस्ते में बदलना) शुरू किया है. इससे राज्य को इस साल ₹600 करोड़ और अगले साल ₹750 करोड़ की सीधी बचत होगी.

    बड़ा कृषि बजट: किसानों के लिए कुल ₹1.19 लाख करोड़ (बजट और अन्य संसाधनों को मिलाकर) का प्रावधान किया गया है. यह राज्य के कुल बजट का 11.36% हिस्सा है.

    केंद्र से 50 साल के लिए मुफ्त कर्ज: 'सास' (SASS) योजना के तहत केंद्र सरकार राजस्थान को ₹15,000 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण (50 साल के लिए) देगी, जिसका उपयोग विकास कार्यों में होगा.

    आर्थिक मजबूती: राज्य की जीडीपी (GSDP) का लक्ष्य ₹21.52 लाख करोड़ रखा गया है.

     

  • 01:58 PM • 11 Feb 2026

    राजस्थान बजट 2026-27 का गणित: कमाई, खर्च और वित्तीय अनुशासन का रोडमैप

    सरकार ने दावा किया है कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़े वित्तीय अनुशासन और 'स्मार्ट निवेश' (RBI के साथ मिलकर) का सहारा लिया गया है, जिससे राज्य के करोड़ों रुपये की बचत हो रही है.

    कर्ज पर नियंत्रण: सरकार ने राजकोषीय घाटे को 3.69% पर रखा है, जो कि निर्धारित सीमा (FRBM एक्ट) के भीतर है. राज्य की कुल उधारी (Debt) जीएसडीपी का 36.8% है.

    RBI के साथ 'स्मार्ट' मैनेजमेंट: राजस्थान सरकार ने पहली बार रिजर्व बैंक (RBI) के दो विशेष फंड्स का उपयोग शुरू किया है:

    सिंकिंग फंड (CSF): भविष्य में कर्ज चुकाने के लिए बनाया गया सुरक्षा फंड. इसमें ₹3,400 करोड़ निवेश किए गए हैं.

    गारंटी रिडेम्पशन फंड (GRF): सरकारी गारंटियों के जोखिम को कम करने के लिए इसमें ₹450 करोड़ निवेश किए गए हैं.

    ₹600 करोड़ की सीधी बचत: इन फंड्स में निवेश करने की वजह से सरकार को बाजार से मिलने वाले महंगे कर्ज (7.5%) के मुकाबले बहुत सस्ती दर (3.9%) पर पैसा उपलब्ध हो पा रहा है. इस 'वित्तीय नवाचार' से राज्य को करीब ₹600 करोड़ की बचत हुई है.

    पूंजीगत व्यय (Capital Outlay): विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, पुल, अस्पताल) के लिए ₹53,978 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है.

    सरल भाषा में इसका मतलब क्या है?
    सरकार अपनी कमाई से ज्यादा खर्च कर रही है (जो विकासशील राज्यों में सामान्य है), लेकिन वह इस घाटे को बहुत सावधानी से मैनेज कर रही है. RBI के साथ किए गए नए निवेशों के कारण सरकार को पुराने ढर्रे के मुकाबले कम ब्याज देना पड़ रहा है.

  • 01:51 PM • 11 Feb 2026

    निवेशकों के लिए रेड कार्पेट: 'सिंगल विंडो 2.0' से मिलेंगी सभी मंजूरियां; युवाओं के लिए 'ग्रीन जॉब्स' का रोडमैप

    सरकार का पूरा जोर अब कागजी कार्यवाही कम करने और निवेश को डिजिटल बनाने पर है. टेक्सटाइल, सोलर और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों को भारी सब्सिडी देकर राज्य में नए रोजगार पैदा करने की तैयारी है.

    सिंगल विंडो 2.0: अब निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. एक आवेदन और एक डिजिटल ट्रैक के जरिए सभी विभागों की मंजूरियां मिल जाएंगी.

    निरीक्षण राज खत्म (Risk-Based Inspection): कम जोखिम वाले उद्योगों में फिजिकल चेकिंग (भौतिक निरीक्षण) खत्म की जाएगी. अब केवल हाई-रिस्क मामलों में ही विभाग जांच करेंगे.

    टेक्सटाइल उद्योग को नई जान: राजस्थान के पारंपरिक टेक्सटाइल सेक्टर को कैपिटल सब्सिडी और पेरोल सब्सिडी (कर्मचारियों के वेतन पर सहायता) जैसे नए विकल्प मिलेंगे.

    सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली फैक्ट्रियों को अब विशेष वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा. इसका उद्देश्य राजस्थान में ही सौर ऊर्जा के उपकरण तैयार करना है.

    सर्विस सेक्टर को ब्याज राहत: अब केवल फैक्ट्रियों को ही नहीं, बल्कि सर्विस सेक्टर (आईटी, हेल्थकेयर आदि) को भी ब्याज में छूट (Interest Subvention) का लाभ मिलेगा.

    ग्रीन जॉब्स और स्किलिंग: युवाओं को ई-व्हीकल, ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने के लिए 'एनर्जी ट्रांजिशन स्किलिंग क्लस्टर' बनाया जाएगा.

    कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग: निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कंटेनर बनाने वाले उद्योगों को 'थ्रस्ट सेक्टर' (प्राथमिकता क्षेत्र) में शामिल किया गया है.

  • 01:50 PM • 11 Feb 2026

    बंद पड़ी खानों को राहत और पुराने टैक्स विवादों के लिए 'एमनेस्टी स्कीम'; $4.3 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य

    खनन कारोबारियों को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण जो खनन पट्टे (Mining Leases) ईको-सेंसिटिव जोन (अभयारण्यों के 10 किमी दायरे) में होने की वजह से बंद रहे, उनकी उस बंद अवधि को 'नॉन-वर्किंग पीरियड' (Non-Working Period) घोषित किया जाएगा.

    फायदा: इससे खदान मालिकों पर बंद अवधि का अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और उन्हें कानूनी राहत मिलेगी.

    एमनेस्टी योजनाएं (Amnesty Schemes): पुराने बकाया टैक्स और विवादों को सुलझाने के लिए सरकार फिर से माफी योजनाएं लाएगी. ये योजनाएं वैट (VAT), कृषि विपणन, भूमि कर, परिवहन और खनन विभागों के लिए होंगी. इससे आम जनता और निवेशकों को पुराने पेचीदा मामलों से मुक्ति मिलेगी.

    $4.3 ट्रिलियन की जीडीपी का लक्ष्य: वर्ष 2047 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है.

    उद्योग और सेवा क्षेत्र पर फोकस: भविष्य की जीडीपी में 80% से अधिक योगदान केवल उद्योग और सर्विस सेक्टर से लाने का लक्ष्य है, जिससे शहरों और गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकें.

    समावेशी विकास: सरकार का ध्येय कृषि को आधार बनाकर औद्योगिक क्रांति लाना है, ताकि छोटे और बड़े सभी उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका मिले.

  • 01:48 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget 2026-27 live: बजरी पर निर्भरता होगी कम; 310 नए EV और CNG स्टेशन खुलेंगे

    सरकार ने कंस्ट्रक्शन में 'M-Sand' (कृत्रिम बजरी) के उपयोग को अनिवार्य करने और खनन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए 'स्टार रेटिंग' व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. साथ ही, प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया गया है.

    M-Sand का बढ़ता उपयोग: नदियों की बजरी पर निर्भरता कम करने के लिए अब सरकारी निर्माण कार्यों में 25% M-Sand का उपयोग अनिवार्य होगा, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 50% किया जाएगा.

    खनन पट्टा सस्ता हुआ: खातेदारी भूमि (निजी जमीन) पर खनन पट्टा लेने के लिए आवेदन के समय दी जाने वाली प्रीमियम राशि को 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है.

    खनन विभाग का पुनर्गठन: अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए विभाग को मजबूत किया जाएगा. इसके तहत:

    15 नए कार्यालय (खनिज अभियंता और भूवैज्ञानिक) खोले जाएंगे.

    10 सहायक खनिज अभियंता (AME) कार्यालयों को अपग्रेड किया जाएगा.

    AI तकनीक से खोज: राज्य में दुर्लभ और रणनीतिक खनिजों (Critical Minerals) की खोज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग किया जाएगा.

    खानों की स्टार रेटिंग: सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से माइनिंग करने वाली खानों को 'स्टार रेटिंग' दी जाएगी और बेहतर काम करने वाले खान मालिकों को सम्मानित किया जाएगा.

    ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर: वायु प्रदूषण कम करने के लिए प्रदेश में:

    250 नए EV चार्जिंग स्टेशन (इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए) लगाए जाएंगे.

    60 नए CNG स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.

    खनिज कोर लाइब्रेरी: जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के सहयोग से खनिजों के नमूनों और शोध के लिए एक अत्याधुनिक 'स्टेट ऑफ आर्ट खनिज कोर लाइब्रेरी' बनाई जाएगी.

  • 01:45 PM • 11 Feb 2026

    बजट में बड़ी राहत: घर बैठे होगा प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, MSME को स्टैम्प ड्यूटी में छूट और टैक्स प्रक्रिया का सरलीकरण

    सरकार ने 'कम बोझ, अधिक भरोसा' के सिद्धांत पर चलते हुए जमीनों की रजिस्ट्री, जीएसटी विवादों के निपटारे और वाहनों पर लगने वाले टैक्स में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

    डिजिटल रजिस्ट्री (e-Registration): अब संपत्ति के लेन-देन के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे. ई-वेरिफिकेशन और स्लॉट बुकिंग के जरिए घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल कॉपी प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी.

    मॉडल रजिस्ट्रार ऑफिस: प्रदेश के सभी 106 उप-पंजीयक कार्यालयों को पासपोर्ट ऑफिस की तर्ज पर 'मॉडल कार्यालय' के रूप में अत्याधुनिक बनाया जाएगा.

    MSME को बड़ी राहत: छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए स्टैम्प ड्यूटी की दर को सीमित कर अधिकतम 10 लाख रुपये तय किया गया है. अब यह राहत सभी प्रकार के वित्तीय ऋणों पर मिलेगी.

    GST 2.0 और ऑनलाइन सुनवाई: जीएसटी मामलों की सुनवाई अब ऑनलाइन होगी. व्यापारियों को एसएमएस (SMS) से केस की स्थिति और अगली तारीख की जानकारी मिलेगी. रजिस्ट्रेशन संबंधी अपीलों का निपटारा 60 दिन में करना अनिवार्य होगा.

    वाहन मालिकों को छूट: दूसरे राज्यों से राजस्थान लाए गए निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन टैक्स में मिलने वाली छूट को 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है. भारी वाहनों को सालाना टैक्स के बजाय एकमुश्त (one-time) टैक्स जमा करने का विकल्प भी मिलेगा.

    प्रदूषण पर लगाम (Green Tax): 6 साल पुराने कमर्शियल और 15 साल पुराने निजी वाहनों पर ग्रीन टैक्स की दरों को संशोधित (बढ़ाया) जाएगा ताकि वायु प्रदूषण कम हो सके.

    खनन क्षेत्र में अवसर: सरकार अगले साल 110 नए ब्लॉक्स (10 मेजर और 100 माइनर मिनरल्स) की नीलामी 'प्री-एम्बेडेड क्लीयरेंस' के साथ करेगी, ताकि पट्टा मिलते ही काम शुरू हो सके.

  • 01:34 PM • 11 Feb 2026

    विकसित राजस्थान @2047: $4.3 ट्रिलियन की इकोनॉमी का लक्ष्य और सर्विस सेक्टर में भारी उछाल

    सरकार ने राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'विजन डॉक्यूमेंट' तैयार किया है. इसमें कृषि, पर्यटन और नई तकनीक (AI/ML) को विकास का मुख्य इंजन बनाया गया है, जिससे राजस्थान की जीडीपी को तेजी से बढ़ाया जा सके.

    $4.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था: सरकार का बड़ा लक्ष्य वर्ष 2047 तक राजस्थान की इकोनॉमी को 4.3 ट्रिलियन डॉलर के विशाल स्तर तक पहुँचाना है.

    कृषि बजट में बढ़ोत्तरी: किसानों को सशक्त बनाने के लिए इस बार के कृषि बजट में पिछले साल के मुकाबले 7.59% की वृद्धि की गई है.

    सर्विस सेक्टर की रिकॉर्ड ग्रोथ: पर्यटन, फिल्म प्रमोशन और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी नई नीतियों के कारण सर्विस सेक्टर की विकास दर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है:

    वर्ष 2023-24 में विकास दर: 5.7%

    वर्ष 2025-26 में विकास दर: 11.15%

    विजन डॉक्यूमेंट: प्रदेश के समग्र विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है जिसमें रणनीतिक वित्तीय योजना (Strategic Financial Planning) और सुशासन (Good Governance) पर जोर दिया गया है.

  • 01:33 PM • 11 Feb 2026

    राजस्थान में पहली बार 'कार्बन क्रेडिट' से कमाएंगे किसान; 29 अमृत शहरों में लगेंगे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट

    सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए जहाँ एक ओर आधुनिक शवदाह गृहों का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर खेती और सड़क निर्माण में दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीकों को अपनाने का रोडमैप पेश किया है.

    किसानों को 'कार्बन क्रेडिट' का लाभ: राज्य में पहली बार कार्बन क्रेडिट पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा. जो किसान सूक्ष्म सिंचाई और पेड़ लगाने जैसी अच्छी तकनीक (Good Agriculture Practice) अपनाएंगे, उन्हें पर्यावरण सुधार के बदले प्रोत्साहन राशि मिलेगी.

    पर्यावरण अनुकूल शवदाह गृह: प्रदूषण कम करने के लिए राज्य के सभी जिलों में बंद दहन प्रणाली (Closed Combustion Cremation Furnace) वाले शवदाह गृह स्थापित किए जाएंगे.

    सड़क निर्माण में नई तकनीक (₹10,000 करोड़): सड़कों को टिकाऊ बनाने और कचरे को कम करने (Reduce, Reuse, Recycle) के लिए FDR (Full Depth Reclamation) और एस्फाल्ट रिसाइक्लिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा. इस पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

    अमृत शहरों में वॉटर ट्रीटमेंट: राज्य के 29 अमृत शहरों के एक-एक गार्डन में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे. यहाँ से साफ हुए पानी का उपयोग ड्रिप इरिगेशन (बूँद-बूँद सिंचाई) में होगा. इस पर ₹30 करोड़ खर्च होंगे.

    बालोतरा में CETP (₹1,000 करोड़): औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए बालोतरा सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में Common Effluent Treatment Plants (CETP) बनाए जाएंगे. यह काम हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर 1,000 करोड़ रुपये की लागत से होगा.

  • 01:28 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget 2026-27 live: जोबनेर में खुलेगा 'प्राकृतिक खेती केंद्र'; जयपुर-जोधपुर में कचरे से बनेगी गैस

    सरकार का ध्यान अब 'जहर मुक्त' खेती और शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने पर है. इसके लिए जयपुर के जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में विशेषज्ञता केंद्र बनाया जाएगा और बड़े शहरों में कचरे के निस्तारण के लिए नए प्लांट लगाए जाएंगे.

    सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर नेचुरल फार्मिंग: जोबनेर (जयपुर) के श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय में इसकी स्थापना की जाएगी.

    फायदा: यहाँ किसानों को फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए 'जैविक' और 'प्राकृतिक' तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि खेती में रसायनों का उपयोग कम हो सके.

    कॉम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स: जयपुर और जोधपुर नगर निगम क्षेत्रों में कचरे (Bio-waste) के सही उपयोग के लिए पीपीपी (PPP) मोड पर बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे.

    फायदा: इससे शहर का कचरा भी साफ होगा और पर्यावरण के अनुकूल 'हरित ईंधन' (Green Fuel) का उत्पादन भी हो सकेगा.

    वेस्ट डिस्पोजल: पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरा प्रबंधन और प्रदूषण रोकने हेतु प्रदेश भर में विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं.

  • 01:27 PM • 11 Feb 2026

    विकास कार्यों के लिए बनेगा 'लैंड बैंक'; वन्यजीवों के लिए मिलेंगी 291 नई एम्बुलेंस

    1,000 हेक्टेयर का लैंड बैंक: अक्सर सरकारी प्रोजेक्ट्स (सड़क, बिजली, बांध) इसलिए अटक जाते हैं क्योंकि उनके रास्ते में आने वाली वन भूमि के बदले दूसरी जमीन देने में समय लगता है. अब सरकार 1,000 हेक्टेयर का 'लैंड बैंक' पहले से तैयार रखेगी, ताकि विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें.

    वाइल्ड लाइफ एम्बुलेंस: प्रदेश में वन्यजीवों के रेस्क्यू और घायल जानवरों के तुरंत इलाज के लिए 291 नई वाइल्ड लाइफ एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई जाएंगी.

    रैपिड मोबिलिटी टीम: जंगलों की बेहतर निगरानी और वन्यजीवों को बचाने के लिए विशेष 'रैपिड मोबिलिटी टीम्स' का गठन किया जाएगा, जिनके पास तेज रफ्तार वाहन और आधुनिक उपकरण होंगे.

    आधारभूत ढांचा: वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के लिए सड़कों व अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा.

  • 01:25 PM • 11 Feb 2026

    अरावली को बचाने की मुहिम: 4,000 हेक्टेयर जमीन का होगा उद्धार, अवैध खनन पर लगेगी लगाम

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान की जीवन रेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है. सरकार ने प्राचीन अरावली पहाड़ियों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके संरक्षण के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है. इसमें पहाड़ियों की हरियाली वापस लाने और माफियाओं पर नकेल कसने पर जोर दिया गया है.

    भूमि सुधार (Reclamation): अरावली की लगभग 4,000 हेक्टेयर ऐसी जमीन जो खराब (Degraded) हो चुकी है, उसे फिर से उपजाऊ और हरा-भरा बनाया जाएगा.

    पक्की दीवार और जल संरक्षण: पहाड़ियों के संरक्षण के लिए पक्की दीवारें बनाई जाएंगी और जल संरचनाओं (Check Dams आदि) का निर्माण होगा, ताकि बारिश का पानी रुक सके.

    स्थानीय बीजारोपण: अरावली के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए वहां की स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों का बीजारोपण करवाया जाएगा.

    अवैध खनन पर स्ट्राइक: अवैध खनन को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस, वन विभाग और खान विभाग मिलकर काम करेंगे.

    बजट: इन सभी संरक्षण कार्यों और निगरानी के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

  • 01:24 PM • 11 Feb 2026

    चित्तौड़गढ़ में बनेगा कुंभा बायोलॉजिकल पार्क; जल संरक्षण और रोजगार के लिए ₹7,500 करोड़ का बजट

    सरकार ने वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष (Man-Animal Conflict) को रोकने के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट 'पृथ्वी' लॉन्च किया है. साथ ही, गांवों में पानी सहेजने और रोजगार बढ़ाने के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है.

    कुंभा बायोलॉजिकल पार्क: चित्तौड़गढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹31 करोड़ की लागत से 'कुंभा बायोलॉजिकल पार्क' विकसित किया जाएगा.

    प्रोजेक्ट पृथ्वी (PRITHVI): वन्यजीव संरक्षण और इंसानों से टकराव रोकने के लिए 1,500 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट शुरू होगा. इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित निगरानी, जानवरों का बचाव-पुनर्वास और इको-टूरिज्म सर्किट बनाना शामिल है.

    ग्रामीण रोजगार (₹5,000 करोड़): गांवों में पर्यावरण संरक्षण, चारागाह विकास और वर्षा जल संचयन जैसे व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्यों के जरिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

    मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0: इस अभियान के तीसरे चरण में अगले साल 5,000 गांवों को कवर किया जाएगा. 2,500 करोड़ रुपये की लागत से वाटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) के 1 लाख 10 हजार कार्य करवाए जाएंगे.

  • 01:22 PM • 11 Feb 2026

    मिशन हरियाळो राजस्थान: अब हर जिला मुख्यालय पर होगी 'नमो नर्सरी', 10 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में राजस्थान को 'हरा-भरा प्रदेश' बनाने के लिए ₹33,476 करोड़ के भारी-भरकम 'हरित बजट' का प्रावधान किया है.  सरकार ने 'विकसित राजस्थान @2047' के तहत प्रदेश के ग्रीन कवर को बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक उद्यानों (ऑक्सीजोन्स) के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे.

    10 करोड़ पौधारोपण: 'मिशन हरियाळो राजस्थान' की सफलता के बाद, अगले साल 10 करोड़ नए पौधे लगाए जाएंगे. अब तक जन सहभागिता से 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं.

    नमो नर्सरी और नमो वन: * राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर आधुनिक 'नमो नर्सरी' बनाई जाएगी.

    हर पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध तरीके से 'नमो वन' विकसित किए जाएंगे.

    मॉडल उद्यान और ऑक्सीजोन्स (₹332 करोड़): जयपुर, अजमेर, बीकानेर, दौसा जैसे 16 जिलों में मॉडल गार्डन और ऑक्सीजोन्स (शुद्ध हवा वाले क्षेत्र) विकसित करने के लिए 332 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

    हरित बजट में 20% की वृद्धि: पर्यावरण के लिए बजट राशि को पिछले साल के ₹27,850 करोड़ से बढ़ाकर ₹33,476 करोड़ कर दिया गया है.

    सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स और हरियाली: अब अक्षय ऊर्जा (सोलर/विंड) प्रोजेक्ट्स के लिए दी जाने वाली जमीन का 10% हिस्सा वृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा.

    जलवायु अनुकूलता: सरकार का लक्ष्य 2047 तक राजस्थान को जलवायु परिवर्तन से लड़ने और जैव विविधता (Biodiversity) के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाना है.

  • 01:19 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget News LIVE Updates: 1 लाख पशुपालकों को मिलेगी डेयरी ट्रेनिंग; पर्यावरण के लिए ₹33,476 करोड़ का 'हरित बजट'

    1 लाख पशुपालकों को ट्रेनिंग: प्रदेश के 1 लाख पशुपालकों को शुद्ध घी, मावा, पनीर और मिठाई जैसे डेयरी उत्पाद बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे किसान केवल दूध बेचने के बजाय खुद के उत्पाद बनाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे.

    हरित बजट (Green Budget) में 20% की वृद्धि: * पिछले वर्ष हरित बजट के लिए ₹27,850 करोड़ का प्रावधान था.

    इस वर्ष इसे 20% बढ़ाकर ₹33,476 करोड़ कर दिया गया है.

    यह राशि पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे कार्यों पर खर्च होगी.

    पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा: राज्य में मुर्गी पालन (Poultry) से जुड़े व्यवसायों और उत्पादकों की मदद के लिए नई कार्ययोजना लागू की जाएगी.

    सतत विकास (Sustainable Development): मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने राजस्थान को पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास (Green Growth) के मामले में देश का मॉडल बनाने का संकल्प लिया है.

  • 01:17 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget News LIVE Updates: डेयरी क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ का फंड; अब पड़ोसी राज्यों में भी खुलेंगे 'सरस' के आउटलेट

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र के लिए भारी-भरकम बजट के साथ 'सरस' ब्रांड को ग्लोबल बनाने का रोडमैप पेश किया है.  सरकार का लक्ष्य राजस्थान को दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग में नंबर-1 बनाना है. इसके लिए 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है.

    डेयरी फंड हुआ दोगुना: 'राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड' की राशि 1,000 करोड़ से बढ़ाकर सीधे 2,000 करोड़ रुपये कर दी गई है. इस पैसे से नए मिल्क प्लांट लगेंगे और पुराने प्लांट्स को आधुनिक बनाया जाएगा.

    सरस जाएगा राजस्थान के बाहर: राजस्थान के मशहूर 'सरस' ब्रांड को नेशनल ब्रांड बनाने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली-NCR में सरस पार्लर और आउटलेट खोले जाएंगे. इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

    दुग्ध उत्पादक संबल योजना: पशुपालकों को दूध पर मिलने वाले ₹5 प्रति लीटर बोनस के लिए आगामी वर्ष 700 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 5 लाख पशुपालक सीधे लाभान्वित होंगे.

    पशु चिकित्सा में सुधार: दूर-दराज के इलाकों में पशुओं के इलाज के लिए नए पशु चिकित्सा केंद्र खोले जाएंगे और मौजूदा केंद्रों को अपग्रेड (क्रमोन्नत) किया जाएगा.

    बड़ा लक्ष्य (Viksit Rajasthan @2047): दूध की प्रोसेसिंग क्षमता को 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन तक ले जाना.

    दूध बिक्री केंद्रों (Booths) की संख्या को बढ़ाकर 1 लाख करना.

  • 01:15 PM • 11 Feb 2026

    Live: राजस्थान के नागौरी अश्वगंधा और सोजत की मेहंदी को मिलेगी वैश्विक पहचान; 'मिशन राज गिफ्ट' का ऐलान

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में राजस्थान के खास कृषि उत्पादों को ब्रांड बनाने और मंडियों के कायाकल्प के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.  सरकार का फोकस अब राजस्थान के विशिष्ट कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग और किसानों को उनकी फसलों का सही दाम दिलाने पर है. इसके लिए नई मार्केटिंग रणनीति और मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का खाका खींचा गया है.

    मिशन राज गिफ्ट (Mission Raj GIFT): राजस्थान के खास उत्पादों जैसे नागौरी अश्वगंधा और सोजत की मेहंदी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए 'राज गिफ्ट' (Geographical Indication for Transformation of Production and Livelihoods) मिशन शुरू किया जाएगा. इससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ेगी.

    मंडियों का कायाकल्प (₹350 करोड़): दूर-दराज से आने वाले किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं देने के लिए 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें टीन शेड का निर्माण, मंडियों तक पहुँच मार्ग और यार्डों का सुधार शामिल है ताकि किसान गर्मी और बरसात से बच सकें.

    नए जिलों में सहकारी भंडार: नवगठित जिलों के उपभोक्ताओं को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण राशन व अन्य सामान उपलब्ध कराने के लिए 'जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार' स्थापित किए जाएंगे.

    उपहार विक्रय केंद्र: राज्य के सभी जिलों में नए 'उपहार विक्रय केंद्र' शुरू किए जाएंगे, जहाँ सहकारी उत्पादों की बिक्री होगी.

    भंडारण और प्रोसेसिंग: प्रदेश में फसलों के भंडारण (Storage) की क्षमता बढ़ाने और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी.

  • 01:13 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget News LIVE Updates:किसानों के लिए ₹25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त कर्ज का ऐलान; कृषि विश्वविद्यालयों में होगी भर्ती

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने और कृषि शिक्षा को मजबूत करने के लिए अहम घोषणाएं की हैं. सरकार ने किसानों को बिना ब्याज के ऋण देने के साथ-साथ खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन (Shrimp Farming) को बढ़ावा देने के लिए बिजली सस्ती करने का फैसला किया है.

    ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण: आगामी वर्ष में 'अल्पकालीन फसली ऋण योजना' के तहत 35 लाख किसानों को ₹25,000 करोड़ का कर्ज बांटा जाएगा. इस कर्ज पर लगने वाले ब्याज का बोझ (लगभग ₹800 करोड़) सरकार खुद उठाएगी.

    कृषि विश्वविद्यालयों में भर्ती: कृषि शिक्षा और रिसर्च को गति देने के लिए विश्वविद्यालयों के खाली पद भरे जाएंगे. पहले चरण में 443 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी.

    सस्ती बिजली (झींगा पालन): चूरू सहित उन जिलों में जहाँ खारा पानी है, झींगा पालकों (Shrimp Farmers) को राहत देते हुए उन्हें सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी.

    दीर्घकालीन ऋण पर सब्सिडी: खेती से जुड़े अन्य कार्यों (Non-Farming Sector) और दीर्घकालीन सहकारी ऋणों के लिए ₹590 करोड़ के कर्ज पर 5% ब्याज अनुदान (छूट) दिया जाएगा.

    उद्यानिकी विकास: मसाला फसलों, फूलों, औषधीय पौधों और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू होगी.

  • 01:10 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan Budget News LIVE Updates: अब AI और सैटेलाइट बताएंगे कब करें बुवाई; 298 पंचायतों में वर्मी कंपोस्ट यूनिट का ऐलान

    सरकार का लक्ष्य राजस्थान के किसानों को पारंपरिक खेती से हटाकर 'डिजिटल फार्मिंग' और 'जैविक खेती' की ओर ले जाना है. इसके लिए 'राज-ऐम्स' (Raj-AIMS) जैसा आधुनिक सिस्टम विकसित किया जा रहा है.

    वर्मी कंपोस्ट इकाइयां (जैविक खेती): हर ग्राम पंचायत में खाद बनाने की यूनिट लगाने के संकल्प के तहत पहले चरण में 5,000 से अधिक आबादी वाली 298 ग्राम पंचायतों में वर्मी कंपोस्ट इकाइयां बनाई जाएंगी. इस पर 270 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे.

    डिजिटल कृषि मिशन (Raj-AIMS): खेती में रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करने के लिए 'राजस्थान एग्रीकल्चर इन्फॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम' विकसित होगा.

    फायदा: किसानों को मौसम की जानकारी, बुवाई का सही समय और फसल की बीमारियों का पता पहले ही चल जाएगा. इस तकनीक पर 77 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

    आधुनिक खेती पर अनुदान (Green House/Polyhouse): खेती को मौसम की मार से बचाने के लिए ग्रीन हाउस, पॉलीहाउस, शेडनेट और प्लास्टिक मल्च जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा.

    अगले साल 4,000 किसानों को इन सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रुपये का अनुदान (Subsidy) दिया जाएगा.

    ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग: खेती को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और किसानों के क्षमता विकास (Training) पर विशेष जोर दिया गया है.

  • 01:08 PM • 11 Feb 2026

    किसानों को सौगात: फसलों की सुरक्षा के लिए मिलेगी तारबंदी सब्सिडी, सिंचाई के लिए बनेंगे हजारों डिग्गी और फार्म पोंड

    सरकार ने बारिश के पानी को सहेजने और नीलगायों व जंगली जानवरों से बर्बाद होती फसलों को बचाने के लिए बजट में भारी अनुदान का प्रावधान किया है. साथ ही, तारबंदी के नियमों को भी आसान बनाया गया है.

    सिंचिई और जल संचयन: अनियमित बारिश को देखते हुए सरकार ने पानी बचाने के लिए बड़ा फंड दिया है:

    अगले साल 8,000 डिग्गियां और 15,000 किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन बिछाई जाएगी.

    अगले 2 वर्षों में 36,000 फार्म पोंड (खेत तलाई) बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान मिलेगा. इससे 80,000 से अधिक किसानों को फायदा होगा.

    फसल सुरक्षा (तारबंदी योजना): नीलगायों और आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए सरकार 228 करोड़ रुपये का अनुदान देगी.

    इससे 50,000 किसानों को अपनी खेतों की 20,000 किलोमीटर तक तारबंदी करने में मदद मिलेगी.

    नियम में ढील: अब 'सामुदायिक तारबंदी' (मिलकर तारबंदी करना) के लिए किसानों की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 कर दी गई है, ताकि छोटे समूह भी इसका लाभ ले सकें.

    उन्नत खेती: राज्य में उन्नत बीजों के वितरण, भूमि सुधार और मोटा अनाज (Minor Millets) की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाएगी.

  • 01:06 PM • 11 Feb 2026

    Rajasthan budget 2026: किसानों को बड़ी राहत, बकाया किश्तों के ब्याज पर 100% छूट और खेती की मशीनों पर अनुदान

    वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में किसानों को पुराने कर्जों से मुक्ति दिलाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण राहत दी हैं. सरकार ने उपनिवेशन क्षेत्र (Colonization area) के किसानों के लिए ब्याज माफी का बड़ा ऐलान किया है, जिससे बरसों से बकाया किश्तों के बोझ तले दबे किसानों को नई शुरुआत करने का मौका मिलेगा. साथ ही, खेती में मशीनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए भारी सब्सिडी भी दी जाएगी.

    ब्याज में 100% छूट: उपनिवेशन क्षेत्र के जिन किसानों की कृषि भूमि की किश्तें बकाया हैं, उन्हें एक सुनहरा मौका दिया गया है. यदि वे 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच अपनी बकाया राशि एकमुश्त (एक साथ) जमा करते हैं, तो उन्हें ब्याज में 100% की छूट मिलेगी.

    कृषि यंत्रों पर सब्सिडी: खेती को आसान और आधुनिक बनाने के लिए किसानों को पावर टिलर, डिस्क प्लाऊ, कल्टीवेटर, हैरो और रीपर जैसे कृषि यंत्र खरीदने पर सरकार आर्थिक मदद देगी.

    ₹160 करोड़ का अनुदान: इन मशीनों और यंत्रों पर अनुदान (Subsidy) देने के लिए सरकार ने 160 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. इससे लगभग 50, 000 कृषक लाभान्वित होंगे.

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