Ashok Gehlot On Kesari Singh Rathore: सीएम गहलोत (Ashok Gehlot) ने आचार संहिता (Code of conduct) लागू होने से पहले RPSC के 3 नए सदस्यों की नियुक्ति की. इनमें कर्नल केसरी सिंह राठौड़, प्रोफेसर अयूब खान और कैलाश चंद मीणा को आरपीएससी का सदस्य बनाया है. वहीं कर्नल केसरी सिंह (Colonel Kesari Singh Rathore) बीतें कई दिनों से काफी चर्चाओं में हैं. गुरुवार को ट्वीटर पर उनका नाम ट्रेडिंग में भी रहा. दरअसल, सीएम अशोक गहलोत ने उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का सदस्य नियुक्त किया था. जिसके बाद से ही उनकी नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर कर्नल केसरी सिंह के कई बयान भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह जाति विशेष और व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी करते हुए दिखाई दिए. अब सीएम गहलोत ने केसरी सिंह के वायरल हो रहे बयानों को निंदनीय, पीड़ादायक बताया है.
ADVERTISEMENT
सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा, “एक तरफ हमारी सरकार ने 3 लाख भर्ती निकालने का ऐतिहासिक कार्य किया जो शायद देश में सर्वाधिक है और दूसरी तरफ पेपर लीक की कुछ घटनाएं सामने आईं (अधिकांश राज्यों में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है, आर्मी और ज्यूडिशियरी तक में पेपर लीक हो गए)। ये सोचकर सरकार ने प्रयास किया कि आर्मी बैकग्राउंड के अधिकारियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) एवं राजस्थान अधीनस्थ सेवा बोर्ड (RSSB) जैसी संस्थाओं में स्थान दिया जाए जिससे इन संस्थाओं की विश्वसनीयता कायम रहे.”
सैन्य सेवाओं को देखते हुए इनको नियुक्त किया
सीएम ने लिखा, “हाल ही में सरकार ने RSSB के अध्यक्ष के रूप में मेजर जनरल आलोक राज एवं RPSC में सदस्य के रूप में कर्नल केसरी सिंह की नियुक्ति की सिफारिश की थी. इन दोनों ने ना तो अप्लाई किया और ना ही इनकी कोई सिफारिश आई. इनकी 37 साल और 20 साल की सैन्य सेवाओं को देखते हुए इनको नियुक्त किया गया.
सीएम गहलोत बोले- निंदनीय, पीड़ादायक
किसी भी सेना में रहे व्यक्ति से जाति, धर्म, वर्ग इत्यादि से ऊपर उठकर देशसेवा की उम्मीद की जाती है. सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी जान तक न्यौछावर कर देते हैं इसलिए उनका समाज में सम्मान होता है. कर्नल केसरी सिंह की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर उनके कुछ बयान वायरल हुए हैं. जो जाति विशेष और व्यक्ति विशेष को लेकर दिए गए हैं जो निंदनीय, पीड़ादायक एवं दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उनकी टिप्पणियों से मुझे भी बेहद दुख पहुंचा है. हमारी सरकार ने उनके सैन्य बैकग्राउंड को देखते हुए उनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी.”
कौन हैं कर्नल केसरी सिंह राठौड़
कर्नल केसरी सिंह राठौड़ नागौर जिले के निवासी हैं और मकराना विधानसभा के गांव शिवरासी के रहने वाले हैं. केसरी ने भारतीय सेना में 21 वर्षों तक सेवाएं देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली. इसके बाद वह राजनीति और सामजिक कार्यों में सक्रिय हो गए. वहीं मकराना सीट से चुनाव लड़ने की उनकी चर्चाएं थी. लेकिन इन्हें आरपीएससी सदस्य बना बना दिया गया है.
RPSC सदस्य केसरी सिंह ने जाट-गुर्जरों पर की बड़ी टिप्पणी, पुराना बयान वायरल!
ADVERTISEMENT

