Rajasthan CM: बाबा बालकनाथ नहीं बनेंगे राजस्थान के नए सीएम! जानिए वजह

राजस्थान तक

10 Dec 2023 (अपडेटेड: Dec 10 2023 6:44 AM)

Rajasthan CM: राजस्थान में नए मुख्यमंत्री (Rajasthan CM) को लेकर बीजेपी में माथापच्ची जारी है. इस बीच कई दावेदार खुद को रेस में मान रहे हैं तो कई दावेदारों के समर्थक अपने नेता के लिए प्रार्थन कर रहे हैं. तिजारा से विधायक बनने के बाद बाबा बालकनाथ (baba balakanth) के समर्थक लगातार हवन और पूजा-पाठ […]

बालकनाथ ने राहुल गांधी पर यात्रा के बहाने चंदा मांगकर ये सब करने का लगाया गंभीर आरोप
बालकनाथ ने राहुल गांधी पर यात्रा के बहाने चंदा मांगकर ये सब करने का लगाया गंभीर आरोप
Google CTA

Rajasthan CM: राजस्थान में नए मुख्यमंत्री (Rajasthan CM) को लेकर बीजेपी में माथापच्ची जारी है. इस बीच कई दावेदार खुद को रेस में मान रहे हैं तो कई दावेदारों के समर्थक अपने नेता के लिए प्रार्थन कर रहे हैं. तिजारा से विधायक बनने के बाद बाबा बालकनाथ (baba balakanth) के समर्थक लगातार हवन और पूजा-पाठ कर रहे हैं. वहीं, उनके माता-पिता भी बालकनाथ को मुख्यमंत्री बनता हुआ देखना चाहते हैं. इसे लेकर हरियाणा से राजस्थान तक जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. लेकिन संभावना जताई जा रही है बालकनाथ इस रेस में नहीं हैं. इसकी एक खास वजह है.

Read more!

दरअसल, 9 दिंसबर शनिवार को बालकनाथ ने ट्वीट किया था. जिसमें खुद उन्होंने सीएम दावेदार नहीं होने का इशारा किया था. ट्वीट कर कहा “मीडिया में चल रही चर्चाओं को नजरअंदाज करें. अभी मुझे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है.”

ओबीसी कार्ड खेलकर बालकनाथ को पार्टी करेगी आगे?

दरअसल, बालक नाथ ओबीसी समाज से आते हैं. भाजपा के भगवा कार्ड में एकदम फिट नजर आते हैं. तो युवा होने के साथ ही योगी आदित्यनाथ के करीबी है. इसलिए बालक नाथ की चर्चाएं सबसे ज्यादा है. सभी सर्वे में भी बालक नाथ का नाम सबसे आगे है. मुख्यमंत्री फाइनल करने के लिए पार्टी की तरफ से पर्यवेक्षक लगाए गए हैं. वो लगातार पार्टी के नेताओं से मिल रहे हैं. बालक नाथ जेपी नड्डा व अमित शाह से मिले. तो वसुंधरा भी दिल्ली में लगातार आलाकमान से मिल रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल सभी नेताओं को मीडिया से बातचीत करने के लिए मना किया गया है. किसी भी नेता का कोई बयान सामने नहीं आया. इसी बीच बालक नाथ ने अपने ट्वीटर हैंडल पर एक संदेश जारी किया. बालकनाथ के इस संदेश के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. ऐसे में कई तरह के कयास चल रहे हैं.