राजस्थान में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अब फुल एक्शन मोड में आ गए हैं. पुलिस मुख्यालय (PHQ) में प्रदेश के तमाम आला अधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राजस्थान की धरती पर किसी भी तरह का अपराध स्वीकार नहीं किया जाएगा. सीएम ने अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास पैदा करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करने के निर्देश दिए हैं.
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हर महीने आएगी रिपोर्ट, तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि अब प्रदेश के हर जिले की मासिक अपराध रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इस रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि किस जिले में किस श्रेणी का अपराध बढ़ा है या कम हुआ है. सीएम खुद इन आंकड़ों की समीक्षा करेंगे और उसी आधार पर पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी.
जिला एसपी और आईजी करेंगे जनसुनवाई
आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जिला एसपी (SP) और आईजी (IG) को नियमित रूप से जनसुनवाई करनी होगी. इसके साथ ही मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिलों का प्रभार सौंपा जाएगा, जो महीने में एक बार जिले में जाकर अपराध की समीक्षा करेंगे और उसे कम करने के उपाय खोजेंगे.
साइबर क्राइम और नारकोटिक्स पर विशेष फोकस
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि बैठक में साइबर अपराध, नारकोटिक्स और बॉर्डर एरिया की सुरक्षा पर भी गहन चर्चा हुई है. अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विशेष टारगेट दिए गए हैं और काम की मॉनिटरिंग के लिए सख्त सिस्टम बनाने को कहा गया है.
"भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस"
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजस्थान की जनता को सुरक्षित माहौल देना उनकी सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ समय में अपराधों में कमी आई है, लेकिन हमें इसे और कम करना है. भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी."
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