'कहानी अभी बाकी' इंतज़ार में गहलोत! सुबोध खोलेगा किस-किसकी पोल? शाह से किरोड़ी बाबा की बड़ी शिकायत!

राजस्थान के कोटा में कांग्रेस नेताओं के बीच खुलेआम हाथापाई हुई है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर पीएचईडी घोटाले में आईएएस सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी ने नया मोड़ ले लिया है. उधर, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक के दस्तावेज अमित शाह को सौंपकर हलचल बढ़ा दी है.

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शरत कुमार

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राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है. जहाँ एक तरफ कोटा में कांग्रेस की गुटबाजी सरेआम सड़क पर आ गई है, वहीं दूसरी ओर पीएचईडी (PHED) घोटाले में पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है.

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कोटा में कांग्रेस की मीटिंग बनी 'मछली बाजार'

कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान जमकर हंगामा और हाथापाई हुई. प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज की मौजूदगी में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल के समर्थक आपस में भिड़ गए. विवाद 'मूल कांग्रेसी' बनाम 'बाहर से आए कांग्रेसी' (गुंजल गुट) के बीच का बताया जा रहा है. वीडियो में कांग्रेसी नेता एक-दूसरे पर चिल्लाते और धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर उजागर हो गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की पकड़ जिलों में कमजोर पड़ रही है, जहाँ गहलोत समर्थक अपनी समानांतर राजनीति चला रहे हैं.

सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी और 'सेटिंग' की चर्चा

जल जीवन मिशन (PHED) घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को लंबी लुका-छिपी के बाद आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वे फिलहाल तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. सुबोध अग्रवाल पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर देने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. चर्चा यह भी है कि सुबोध अग्रवाल ने पूरी 'सेटिंग' के बाद ही सरेंडर किया है. इस मामले में राजनीति अब पूर्व मुख्य सचिव सुधांशु पंत को घेरने की ओर भी मुड़ती दिख रही है, जिससे केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है.

किरोड़ी लाल मीणा की अमित शाह से 'बड़ी शिकायत'

कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर एक्शन में हैं. उन्होंने दावा किया है कि पेपर लीक घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़े अहम दस्तावेज उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दिए हैं. मीणा ने इशारों-इशारों में अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के मामले में सरकार को सुप्रीम कोर्ट नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि वे कैबिनेट में भ्रष्टाचार की जांच का मुद्दा उठा चुके हैं और उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

गहलोत का 'इंतजार शास्त्र'

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं. जहाँ कांग्रेस के अंदर घमासान मचा है, वहीं गहलोत सोशल मीडिया के जरिए अपनी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं. हालांकि, सुबोध अग्रवाल और पीएचईडी घोटाले पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी मई-जून में कुछ बड़े संगठनात्मक बदलाव देख सकती है.

 

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