राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी की आग एक बार फिर सुलग उठी है. पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता गोविंद राम मेघवाल ने अपनी ही पार्टी के बड़े नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी पर गंभीर आरोप लगाकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. बीकानेर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा कि वे वर्षों से पार्टी के भीतर ही एक विशेष गुट के षड्यंत्र का शिकार हो रहे हैं, जिसका नेतृत्व रामेश्वर डूडी कर रहे हैं.
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पैसे लेकर वोट बेचे गए
गोविंद राम मेघवाल ने आरोप लगाया कि रामेश्वर डूडी गुट ने उन्हें चुनाव हरवाने के लिए न केवल भाजपा के साथ सांठगांठ की, बल्कि उनके खिलाफ फर्जी वीडियो भी वायरल किए. उन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के पुत्र पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि जिला परिषद चुनाव के दौरान 1 करोड़ का लेन-देन हुआ और कांग्रेस के छह डायरेक्टरों ने अपने वोट भाजपा के पाले में बेच दिए. मेघवाल ने कहा, "रामेश्वर डूडी की बेइज्जती अब बर्दाश्त से बाहर है. उन्होंने मेरा बजट तक नहीं बंटने दिया."
राहुल गांधी के नाम पर दी 'अनुशासनहीनता' की चुनौती
जब उनसे पूछा गया कि क्या आलाकमान उनके इस बागी रुख को अनुशासनहीनता मान सकता है, तो मेघवाल ने बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा, "मैं राहुल गांधी के इशारे पर चलता हूं. राहुल जी ने कहा है- डरो मत. मैंने सिर्फ सच्ची बात कही है, कोई बनावटी बात नहीं." मेघवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य भाजपा को रोकना है, लेकिन पार्टी के भीतर बैठे कुछ लोग 'भीतरघात' कर कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं.
शक्ति प्रदर्शन और बेटी का समर्थन
बीकानेर जिला कलेक्टरी से अंबेडकर चौक तक निकाले गए इस शक्ति प्रदर्शन में मेघवाल के समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया और जमकर नारेबाजी की. इस मौके पर उनकी पुत्री सरिता मेघवाल भी साथ थीं. सरिता ने कहा, "आज असली कांग्रेस की लड़ाई शुरू हुई है और यह मेरे पिता की ताकत है जो जनता उनके साथ खड़ी है." बीकानेर की इस रैली ने साफ कर दिया है कि राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी अब सड़कों पर आ चुकी है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी की राह मुश्किल हो सकती है.
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