'ऐसी सरपंच हर गांव को मिले!' शहरों को मात दे रहा राजस्थान का यह अनोखा गांव, देखें खूबसूरत तस्वीरें
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भारत को गांवों का देश कहा जाता है, लेकिन अक्सर गांवों की छवि धूल, उबड़-खाबड़ रास्तों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के रूप में देखी जाती है. लेकिन राजस्थान के दौसा जिले की एक ग्राम पंचायत ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है. दौसा की समलेती ग्राम पंचायत आज किसी जन्नत से कम नहीं लगती. इस गांव में शहरों की तर्ज पर आलीशान पार्क, ओपन जिम, बास्केटबॉल कोर्ट और रात में दूधिया रोशनी बिखेरती सोलर लाइट्स लगी हैं. इस बड़े बदलाव के पीछे किसी बड़े नेता या अधिकारी का नहीं, बल्कि गांव की पढ़ी-लिखी महिला सरपंच रचना समलेती का हाथ है.
अतिक्रमण की जमीन को बनाया पार्क
राजस्थान तक की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जगह पर आज बच्चे बास्केटबॉल खेल रहे हैं, युवा दौड़ लगा रहे हैं और गांव की बुजुर्ग महिलाएं ओपन जिम में एक्सरसाइज कर रही हैं, वहां पहले कभी सिर्फ कंकड़-पत्थर और उबड़-खाबड़ जमीन हुआ करती थी. यह जमीन अतिक्रमण की चपेट में थी. सरपंच रचना समलेती ने बताया कि इस जमीन को मुक्त कराना और इसे इस रूप में ढालना एक बहुत बड़ी चुनौती थी. वह खुद मजदूरों के साथ मिलकर पत्थरों को हटाती थीं और उन्होंने इसे अपने घर के खेत की तरह सींचा है.
गांव में शहरों जैसी हाईटेक सुविधाएं
सरपंच के इस 5 साल के अथक प्रयास का नतीजा है कि आज यहां करीब 1 किलोमीटर लंबा पाथवे (दौड़ने का ट्रैक), बास्केटबॉल कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, दर्शकों के बैठने के लिए दीर्घा, सार्वजनिक शौचालय और एक बड़ा स्टेज बनाया गया है. युवाओं और महिलाओं की हिचक को दूर करने के लिए यहां ओपन जिम लगाया गया है, जहां सुबह-शाम ग्रामीण कसरत करते हैं. सीएसआर (CSR) फंड के जरिए पूरे पार्क में सोलर लाइट्स लगाई गई हैं, जिससे रात के समय भी यह स्टेडियम दूधिया रोशनी से जगमगाता रहता है. युवाओं के लिए यहां एक खूबसूरत 'I Love Samleti' का सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है.
कॉर्पोरेट ऑफिस जैसा है सरपंच का कक्ष
आमतौर पर सरकारी दफ्तरों या सरपंच के ऑफिसों की हालत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन रचना समलेती का ऑफिस देखकर कोई भी दंग रह जाएगा. यह किसी कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह बेहद शांत, साफ-सुथरा और आकर्षक इंटीरियर से लैस है. उनका मानना है कि अगर सरकारी योजनाओं का ईमानदारी और सही नीति के साथ क्रियान्वयन किया जाए, तो सरकारी व्यवस्था को भी बेहतरीन रूप दिया जा सकता है.
अस्पताल और मिनी सचिवालय की तैयारी
रचना समलेती के सपने बहुत बड़े हैं. उनके प्रयासों से गांव में जिला अस्पताल का भूमि पूजन हो चुका है. इसके साथ ही वह योग एवं आयुर्वेद चिकित्सालय और कॉलेज के लिए भी जमीन अलॉट करवा चुकी हैं. खेल मैदान के ठीक सामने एक मिनी सचिवालय बनाने की योजना है, ताकि गांव की पूरी सरकार और सभी सरकारी दफ्तर एक ही छत के नीचे काम कर सकें. पास में ही रिको (RIICO) एरिया भी डेवलप हो रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
गांव की बेटी और बहू बनकर जीता सबका दिल
महिला कांग्रेस की राजस्थान उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहीं रचना कहती हैं कि गांव की राजनीति आसान नहीं होती. कदम-कदम पर विरोधी सामने आते हैं. लेकिन जब काम में ईमानदारी और मन में कुछ अच्छा करने का जज्बा हो, तो सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने परिवार, पति के सपोर्ट और सबसे बढ़कर गांव के लोगों के भरोसे को दिया है. वह कहती हैं कि अगर आज का युवा और शिक्षित जनप्रतिनिधि आगे आए, तो देश के हर गांव की तस्वीर बदली जा सकती है.
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