Rajasthan Election 2018: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए सभी पार्टियां ऐडी चोटी तक का जोर लगा रही हैं. ऐसे में कौनसी पार्टी इस बार चुनाव में बाजी मारती है, यह तो 3 दिसंबर को पता चलेगा. लेकिन आज हम आपको उन सीटों के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां से बीजेपी-कांग्रेस (BJP-CONGRESS) के बीच हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा था. आइए बताते हैं.
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भाजपा के लिए 12 कठिन सीटें
बीजेपी के लिए पिछले चुनाव में 12 ऐसी सीटें रहीं जहां जीत का अंतर 5 हजार से रुपए से कम रहा. इनमें फुलेरा से (1132 वोट), चौमूं (1288 वोट), चूरू (1850 वोट), मकराना (1488 वोट), मालवीय नगर (1704 वोट), खानपुर (2265 वोट), मंडावा (2346 वोट), रानीवाड़ा (3405 वोट), सूरजगढ़ (3425 वोट), गोगूंडा (4413 वोट), घटोल (4449 वोट), ब्यावर (4502 वोट) सीटें शामिल हैं.
कांग्रेस के 10 सीटें कठिन
कांग्रेस की बेगूं (1661 वोट), सांगोद (1868 वोट), पचपदरा (2395 वोट), मसूदा (3374 वोट), चाकसू (3431 वोट), भीम (3714 वोट), वल्लभनगर (3719 वोट), छबड़ा (3744 वोट), चोहटन (4262 वोट), बांदीकुई (4764 वोट) सीटों पर जीत का मार्जिन बेहद कम रहा. इसके अलावा नदबई (4094 वोट), तिजारा (4457 वोट) से बसपा उम्मीदवार, बहरोड़ (3836 वोट) से निर्दलीय, शाहपुरा (3855 वोट) से निर्दलीय और खंडेला (4348 वोट) और सागवारा से बीटीपी उम्मीदवार (4582 वोट), भोपालगढ़ (4962 वोट) से आरएलपी प्रत्याशी ने बेहद कम वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
9 सीटें जहां जीत का अंतर 1000 वोटों से कम रहा
प्रदेश में 2018 के चुनावों में 9 ऐसी सीटें हैं जिनपर जीत का अंतर 1000 वोटों से कम रहा. इनमें बीजेपी की आसींद (154 वोट), पीलीबंगा (278 वोट), बूंदी (713 वोट), सिवाना (957 वोट) सीट शामिल है, इसके अलावा कांग्रेस की फतेहपुर (860 वोट) , पोकरण (872 वोट), दांता रामगढ़ (920 वोट) और खेतड़ी (957 वोट) सीट शामिल है. वहीं मारवाड़ा जंक्शन से निर्दलीय सीट पर जीत का अंतर मात्र 251 वोटों का रहा.
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