Rajasthan: अग्निवीर भर्ती में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, 9 महीने से इंतजार कर रही थी राजस्थान पुलिस

Rajasthan: राजस्थान में अग्निवीर भर्ती परीक्षा डमी कैंडिडेट बैठाने का रैकेट चलाने वाले एक शख़्स को जोधपुर पुलिस ने पकड़ा है. आरोपी12वीं पास करवाने समेत सभी तरह की परीक्षाओं में पास करवाने का कॉन्ट्रेक्ट भी लेता था. खुद भी डमी कैंडिडेट बैठाकर पास हुआ है.

Agniveer
Agniveer

शरत कुमार

follow google news

Rajasthan: राजस्थान में अग्निवीर भर्ती परीक्षा डमी कैंडिडेट बैठाने का रैकेट चलाने वाले एक शख़्स को जोधपुर पुलिस ने पकड़ा है. आरोपी12वीं पास करवाने समेत सभी तरह की परीक्षाओं में पास करवाने का कॉन्ट्रेक्ट भी लेता था. खुद भी डमी कैंडिडेट बैठाकर पास हुआ है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि 12वीं पास करवाने के लिए 25 हजार लेता था. यहीं नहीं परीक्षा के डमी कैंडिनेट भी उपलब्ध करवाता था. आरोपी जोधपुर जिले के रातानाडा थाना क्षेत्र का रहने वाला है.

Read more!

पुलिस को अग्निवीर भर्ती के समय इसका पता चल गया था लेकिन पिछले 9 महीने से लगातार फरार चल रहा था. जोधपुर पुलिस ने आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था.

9 महीने से तलाश रही थी पुलिस

जोधपुर ग्रामीण एएसपी भोपालसिंह लखावत के मुताबिक अग्निवीर भर्ती में 21 सितंबर को गिरफ्तार किए गए डमी कैंडिनेट मुकेश चौधरी निवासी पल्ली पुलिस थाना मतोड़ा जिला फलोदी ने पुलिस को पूछताछ के बताया है कि 12वीं पास करवाने के एवज में 25 हजार लेता था और अग्निवीर भर्ती में उसने उसे डमी परीक्षार्थी बनाकर भेजा था. डमी अग्निवीर की गिरफ़्तारी की भनक मिलते ही यह भाग गया था. जिसकी पुलिस 9 महीने से तलाश कर रही थी.

दोस्त की जगह करवाने गया मेडिकल

पुलिस के मुताबिक 20 दिसंबर शुक्रवार सुबह 8 बजे के करीब अभ्यर्थी कुलदीप ने अपना बायो मैट्रिक करवाया था. दोपहर 12:30 बजे के करीब कुलदीप आई टेस्ट के लिए ओपीडी में गया. लेकिन, टेस्ट शुरू होने से पहले वह वॉशरूम का बहाना बनाकर बाहर आ गया और मुकेश चौधरी को मेडिकल के लिए भेज दिया.

फिर हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

कुलदीप की जगह मुकेश मेडिकल टेस्ट के लिए तो चला गया. लेकिन, टेस्ट से पहले लेफ्टिनेंट कर्नल छनी प्रीतसिंह ने उसके हाथ पर लगी मुहर देखी. जो असली मुहर की बजाय पेन से बनी मुहर थी. ऐसे में दुबारा बायो मैट्रिक और रेटीना लिए गए, तो अलग थे. इसके बाद अधिकारियों ने मुकेश से सख्ती से पूछताछ की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.

मुकेश को रिमांड पर लिया तो हुआ खुलासा

एएसपी भोपालसिंह लखावत के मुताबिक रातानाडा थाने में सेना की रिक्रूटमेंट सेल की ओर से 21 दिसंबर को मामला दर्ज करवाया गया था. पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि कुलदीप की आंखों में कुछ कमी थी. इसी वजह से कुलदीप को मेडिकल जांच के फेल होने का डर था. इसलिए ही उसने टेस्ट के लिए मुकेश को भेजा था. पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है.

12वीं पास करवाने के लेता था कॉन्ट्रेक्ट

पुलिस के मुताबिक आरोपी कुबूल किया है कि वह 12वीं पास करवाने के एवज में 25 हजार रुपए लेता था. परीक्षार्थियों की जगह डमी कैंडिनेट भेजता था और रुपए लेकर डमी कैंडिडेट के जरिए पास करवा देता था. 4 मार्च 2024 को ओसियां में 12वीं की परीक्षा देते 2 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया था. मामला दर्ज होने के बाद जब जांच की गई तो सामने आया कि हरीश और रेवंत राम नाम के दो फर्जी कैंडिडेट को मुकेश ने ही डमी परीक्षार्थी बनाकर परीक्षा में बिठाया. इसी मामले में पुलिस उसकी पिछले 9 महीने से तलाश कर रही थी.

    follow google news