भजनलाल सरकार के कैलेंडर से पीछे चल रही हैं 51,000 से अधिक नौकरियां, जॉइनिंग को तरस रहे राजस्थान के युवा बने डिलीवरी बॉय

राजस्थान में सरकार ने 1 लाख नौकरियों का वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को बड़ी उम्मीदें दी थीं, लेकिन धरातल पर सच्चाई बेहद परेशान करने वाली है. राज्य में परीक्षा पास करने के दो-दो साल बाद भी युवा जॉइनिंग और नतीजों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं.

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शरत कुमार

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राजस्थान में सरकार ने 1 लाख नौकरियों का वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी कर युवाओं को बड़ी उम्मीदें दी थीं, लेकिन धरातल पर सच्चाई बेहद परेशान करने वाली है. राज्य में परीक्षा पास करने के साल भर बाद भी युवा जॉइनिंग और नतीजों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. हालत यह है कि एलएलबी और गणित में बीएससी जैसी उच्च शिक्षा हासिल कर चुके युवा चपरासी की नौकरी के लिए तरस रहे हैं, तो वहीं कई चयनित अभ्यर्थी धूप में अपनी नियुक्ति की गुहार लगा रहे हैं. वादों और दावों के बीच राजस्थान का युवा आज भी 'वैकेंसी से लेकर जॉइनिंग' तक की लंबी लड़ाई लड़ने को मजबूर है.

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उच्च शिक्षा के बाद चपरासी की नौकरी का इंतजार

जयपुर में विधायकों और मंत्रियों से अपनी पीड़ा साझा करने आए बेरोजगारों की दास्तां हैरान करने वाली है. राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी फोर्थ ग्रेड (चपरासी) भर्ती, जिसमें 53,754 पद शामिल हैं, जिसकी घोषणा जून 2024 में की गई थी. इसके परीक्षा परिणाम आए भी करीब एक साल होने को है, लेकिन आज तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) की प्रक्रिया ही चल रही है.

राजस्थान यूनिवर्सिटी से एलएलबी कर चुके अंकित और गणित में बीएससी कर चुके मुरारी लाल योगी जैसे युवा दो साल से चपरासी की नौकरी की आस में भटक रहे हैं. घर-परिवार के तानों और आर्थिक तंगी के बीच ये युवा फिलहाल डिलीवरी बॉय का काम करने को मजबूर हैं.

कोर्ट कचहरी और नियमों का फेरबदल

चपरासी भर्ती में देरी की एक बड़ी वजह अदालती कार्रवाई भी है. हाई कोर्ट द्वारा विशेष कैटेगरी में जीरो नंबर पर छात्रों के चयन पर रोक लगाने के बाद, अब सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है, जिससे यह मामला और लंबा खिंच सकता है. वहीं, बेरोजगारों की मांग है कि सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में 'एक साल का वेटिंग लिस्ट नियम' इसी भर्ती से लागू करे ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मौका मिल सके.

ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के चयनित अभ्यर्थी भी परेशान

सिर्फ चपरासी भर्ती ही नहीं, बल्कि जून 2025 में हुई ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा के चयनित अभ्यर्थी भी परेशान हैं. महज 850 पदों की इस भर्ती में शामिल युवा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से लेकर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ तारीखों और आश्वासनों का पुलिंदा मिला है. अधिकारियों ने पहले 24 अप्रैल, फिर 10 मई और फिर 20 मई का समय दिया था, लेकिन जून की शुरुआत होने के बाद भी प्रोविजनल लिस्ट और जांच के नाम पर काम अटका हुआ है.

चयन बोर्ड के अध्यक्ष की सफाई

जब राजस्थान तक के रिपोर्टर शरद कुमार ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष से इस देरी पर सवाल किया, तो उन्होंने इसे राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती (लगभग 54,000 पद) बताया. उनका कहना है कि इस भर्ती में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए दोगुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है और एक-एक पॉइंट पर हजारों बच्चे होने के कारण प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है और इसमें वक्त लग रहा है.

कैलेंडर से पीछे चल रही हैं 51,000 से अधिक नौकरियां

आंकड़ों की बात करें तो मई 2026 तक राजस्थान सरकार का भर्ती कैलेंडर करीब 51,000 नौकरियों के मामले में अपने तय समय से काफी पीछे चल रहा है. शिक्षा विभाग में 15,201 पद और स्वास्थ्य विभाग में 16,428 पदों पर चयनित युवा रिजल्ट और जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा वाहन चालक (2,756 पद), ऊर्जा विभाग (2,163 पद), राजस्व विभाग (3,705 पद) और ग्रामीण विकास (2,600 पद) जैसी कई महत्वपूर्ण भर्तियां अधर में लटकी हुई हैं.

 

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