खेतों से ओलंपिक तक का सफर, राजस्थान के जालौर का 'नीरज चोपड़ा' सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

राजस्थान के जालौर का 15 वर्षीय बालक हरीश खेतों में भाला फेंककर ओलंपिक का सपना देख रहा है, जिसका संघर्षपूर्ण वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है.

जालौर की नीरज चोपड़ा
जालौर की नीरज चोपड़ा

नरेश बिश्नोई

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक 15 साल के दुबले-पतले लड़के का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में यह लड़का नंगे बदन, मिट्टी के ऊबड़-खाबड़ खेत में पूरी रफ्तार से दौड़ता है और फिर पूरी ताकत के साथ भाला (Javelin) फेंकता है. पहले इस वीडियो को बिहार का बताया जा रहा था, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली. यह उभरता हुआ खिलाड़ी राजस्थान के जालौर जिले का रहने वाला हरीश सरगरा है, जो अपनी आंखों में देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतने का सपना संजोए हुए है.

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कौन है हरीश सरगरा?

हरीश जालौर के भवरानी गांव का रहने वाला है और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र है. एक बेहद साधारण परिवार से आने वाले हरीश के पिता गणेशाराम मजदूरी और घरों में पेंटिंग का काम करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन हरीश का जुनून किसी अंतरराष्ट्रीय एथलीट से कम नहीं है.

बिना स्टेडियम, खेतों में पसीना बहा रहा है यह 'लाल'

हरीश के पास न तो कोई महंगा स्टेडियम है और न ही अभ्यास के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण. वह अपने गांव के खेतों को ही अपना ट्रेनिंग ग्राउंड मानता है. हरीश गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानता है और उन्हीं की तरह तिरंगा लहराना चाहता है.

हरीश ने बताया, "मैं पिछले तीन साल से मेहनत कर रहा हूं. जिला स्तर पर मैंने दूसरी और तीसरी रैंक हासिल की है और राज्य स्तर पर भी 45 मीटर तक भाला फेंका है."

कोच और सुविधाओं की कमी

हरीश को शारीरिक शिक्षक और राष्ट्रीय कोच दिनेश बिश्नोई प्रशिक्षित कर रहे हैं. कोच दिनेश का कहना है कि गांव में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही मैदान और प्लेटफार्म न होने के कारण ऐसी प्रतिभाएं दब जाती हैं. उन्होंने सरकार और भामाशाहों (दानदाताओं) से अपील की है कि अगर हरीश को सही उपकरण और ट्रेनिंग मिले, तो वह देश के लिए मेडल ला सकता है. 

बिहार का बताया जा रहा था वीडियो

हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इसे बिहार का बता दिया था. यहां तक कि बिहार के एक मंत्री ने भी इस बच्चे की मदद के लिए ट्वीट कर दिया था. हालांकि, अब यह साफ हो गया है कि यह 'मरुधरा' का लाल है. 'राजस्थान तक' और 'न्यूज तक' सरकार से अपील करते हैं कि इस नन्ही प्रतिभा को सही मंच और सहयोग प्रदान किया जाए.

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