राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में SOG ने JEN (जूनियर इंजीनियर) भर्ती परीक्षा 2020 मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जल संसाधन विभाग में तैनात सहायक अभियंता (Assistant Engineer) अतुल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है.
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जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने पूरे 25 लाख रुपये देकर हल किया हुआ पेपर खरीदा था, परीक्षा पास की और सरकारी नौकरी हासिल कर ली.
रद्द हुई परीक्षा का री-एग्जाम भी हो गया था लीक
यह पूरा मामला राजस्थान जूनियर इंजीनियर कंबाइंड रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन 2020 से जुड़ा हुआ है.
- दिसंबर 2020: पहली बार आयोजित इस परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था.
- सितंबर 2021: इसके बाद दोबारा (Re-exam) परीक्षा आयोजित की गई.
- SOG का खुलासा: जांच एजेंसी के अनुसार, सितंबर 2021 में कराया गया री-एग्जाम भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं था और परीक्षा से पहले ही पेपर माफियाओं तक पहुंच चुका था.
5 साल बाद खुला 25 लाख के पेपर का राज
SOG के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार पेपर लीक गिरोह के मुख्य आरोपी हर्षवर्धन मीणा से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. पूछताछ के दौरान ही सामने आया कि उसने पैसों के बदले कई अभ्यर्थियों को सॉल्वड पेपर मुहैया कराए थे.
इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग में पदस्थ अतुल मीणा का नाम सामने आया, जिसने ₹25 लाख देकर प्रश्न पत्र खरीदा था. वह परीक्षा पास कर अधिकारी भी बन गया, लेकिन करीब 5 साल बाद जांच की आंच उस तक पहुंच गई और SOG ने उसे दबोच लिया.
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी निशाने पर
SOG अधिकारियों के मुताबिक, अब आरोपी अतुल मीणा से पूछताछ की जा रही है ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल पूरे नेटवर्क और अन्य अभ्यर्थियों का पता लगाया जा सके. आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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