तेल कम, कैंसर का खतरा ज्यादा...जो मूंगफली विदेशों में है बैन, वो किसानों को बेची! किरोड़ी लाल मीणा ने किया बड़ा भंडाफोड़

राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने नकली बीज माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 ठिकानों पर छापेमारी की. चोमू में आकर्षक पैकेटों में बंद की जा रही घटिया और कैंसरकारी फंगस (एफलाटॉक्सिन) युक्त मूंगफली पकड़ी गई. आरजी-510 ब्रांड के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी की जा रही थी.

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देव अंकुर वधावन

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राजस्थान में किसानों के साथ नकली और घटिया बीज के नाम पर हो रहे बड़े धोखे का भंडाफोड़ हुआ है. राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने खुद जयपुर के चोमू इलाके में स्थित एक बड़ी फैक्ट्री पर औचक छापेमारी (Raid) की है. इस कार्रवाई के साथ ही राज्य के अलग-अलग जिलों में बीज माफियाओं के 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे हड़कंप मच गया है.

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कैंसर पैदा करने वाले फंगस से ग्रसित है मूंगफली

छापेमारी के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने खुलासा किया कि फैक्ट्री में बेहद घटिया और फंगस लगी मूंगफली को आकर्षक पैकेटों में बंद किया जा रहा था. इस मूंगफली में 'एफलाटॉक्सिन' (Aflatoxin) नाम का खतरनाक फंगस है, जो कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला तत्व) माना जाता है.

इस घटिया मूंगफली को चमकाकर और पॉलिश करके देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जा रहा था. इसी खतरनाक फंगस के कारण यूरोपियन देशों और इंडोनेशिया ने भारत से इस मूंगफली के आयात (Export) पर प्रतिबंध लगा दिया है.

RG-510 के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी

कृषि मंत्री ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार होने वाले 'आरजी 510' (RG 510) बीज के नाम पर यह माफिया मंडियों से साधारण और घटिया मूंगफली खरीदकर उसकी पैकिंग कर रहे थे. राजस्थान में किसान करीब 1100 करोड़ रुपये का मूंगफली बीज खरीदते हैं, जिसमें यह माफिया फर्जीवाड़ा कर रहे थे. इस घटिया बीज से न केवल किसानों की फसल का उत्पादन घटता है, बल्कि मूंगफली में तेल की मात्रा भी बेहद कम निकलती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है.

पिछली कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

कार्रवाई के दौरान श्री बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज (सीकर) के नाम से पैक हो रहे बोरों को जब्त किया गया. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि पिछली गहलोत सरकार ने राजनीतिक प्रभाव में आकर इस कंपनी के साथ 3 साल का एमओयू (MoU) साइन किया था. समयावधि खत्म होने के बाद भी यह खेल धड़ल्ले से चल रहा था.

मंत्री ने स्वीकार किया कि इस घपले को पकड़ने में मौजूदा सिस्टम से भी देरी हुई, लेकिन अब किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. बीकानेर में 4, सीकर में 3, जोधपुर में 2 और नागौर में 2 समेत कुल 13 जगहों पर कृषि विभाग की टीमें जांच कर रही हैं.

 

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