राजस्थान के सरकारी अस्पतालों से एक बेहद डराने वाली और चिंताजनक खबर सामने आ रही है. राज्य में सिजेरियन डिलीवरी (C-Section) के बाद महिलाओं की किडनी फेल होने और मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल का है, जहां डिलीवरी के बाद आईसीयू में भर्ती एक और प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस नई मौत के बाद राजस्थान में बीते दो महीनों (मई से अब तक) में प्रसव के बाद जान गंवाने वाली महिलाओं का आंकड़ा बढ़कर 19 हो गया है. स्वास्थ्य विभाग में इस घटना से हड़कंप मचा हुआ है.
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बीकानेर PBM अस्पताल में कैसे बिगड़े हालात?
मृतक महिला का नाम कमला था. डॉक्टरों के अनुसार, कमला की डिलीवरी काफी जटिल थी. उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बीते 23 जून को डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था. शुरुआती इलाज के बाद उसकी सेहत में कुछ सुधार दिखाई दिया था, लेकिन 9 जुलाई के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. डॉक्टरों ने बताया कि प्रसूता का यूरिन आउटपुट अचानक बिल्कुल बंद (जीरो) हो गया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. बीकानेर के इस अकेले अस्पताल में इस तरह की लापरवाही या इंफेक्शन से मौत का यह चौथा मामला है.
6 प्रसूताओं की किडनी हुई फेल
बीकानेर के इसी पीबीएम अस्पताल में जून के महीने में सिजेरियन डिलीवरी कराने वाली छह महिलाओं की किडनी अचानक फेल हो गई थीं. इनमें से अब तक तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है. बाकी बची महिलाओं में से एक की हालत नाजुक है, जिसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. वहीं, अन्य कई पीड़ित महिलाएं जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं और अस्पताल में उनका डायलिसिस किया जा रहा है.
पूरे राजस्थान में मातृत्व सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल
सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो मई से लेकर अब तक राजस्थान के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के बाद 19 महिलाओं की जान जा चुकी है. मौत की मुख्य वजह प्रसव के बाद अचानक किडनी का काम बंद करना बताया जा रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री करेंगे दौरा, जांच शुरू
इस गंभीर मामले को लेकर राजस्थान सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों की वजह का पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले में खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर मोर्चा संभाल रहे हैं. हालात की समीक्षा करने और लापरवाही बरतने वालों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य मंत्री आज खुद बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल का दौरा करेंगे. यहां वे स्वास्थ्य अधिकारियों और वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेंगे.
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