राजस्थान में लंबे समय से इंतजार किए जा रहे नगरीय निकाय चुनावों का कार्यक्रम जारी हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार यानी 19 अगस्त को 309 नगरीय निकायों में चुनाव की घोषणा कर दी. राज्य में चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि सभी निकायों के चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे. विस्तार से जानिए निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल.
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309 शहरी निकायों में 10,245 पार्षद पदों पर होगा चुनाव
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के मुताबिक, प्रदेश के कुल 309 शहरी निकायों में चुनाव होंगे. इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं. इन सभी निकायों को मिलाकर कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए मतदान कराया जाएगा. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 शहरी निकायों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू हो गई है. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक यह आचार संहिता प्रभावी रहेगी.
21 सितंबर को निकाय प्रमुख और 22 सितंबर को उपाध्यक्ष का चुनाव
पार्षदों के चुनाव के बाद निकाय प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया होगी. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव कराया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 22 सितंबर को उपाध्यक्ष का चुनाव होगा. इसी दिन नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक भी आयोजित की जाएगी. इसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव होगा.
EVM से होगी वोटिंग, 1.15 लाख कर्मचारी संभालेंगे चुनाव
राजस्थान के सभी शहरी निकायों में EVM के जरिए मतदान कराया जाएगा. चुनावी प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए करीब 1.15 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. वहीं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी करीब 98,709 पुलिसकर्मियों के हाथों में होगी. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा देना होगा.
आचार संहिता लागू, नए विकास कार्यों पर रोक
चुनाव की घोषणा के साथ ही शहरी क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है. इसके तहत अब नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं की जा सकेगी और नए वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं होंगे. हालांकि, जो विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकेगा. नए काम शुरू करने पर रोक रहेगी.
मंत्री और नेता सरकारी गाड़ी से नहीं कर सकेंगे प्रचार
आचार संहिता के दौरान मंत्रियों और नेताओं के लिए भी कई तरह की पाबंदियां लागू रहेंगी. मंत्री और नेता सरकारी वाहन का इस्तेमाल कर शहरी निकाय क्षेत्रों में चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा यदि कोई मंत्री चुनाव प्रचार के लिए किसी शहर में जाता है तो वह सरकारी गेस्ट हाउस में ठहर नहीं सकेगा.
इस दौरान सरकार की ओर से नई घोषणाएं, सरकारी उद्घाटन और शिलान्यास भी नहीं किए जा सकेंगे. यानी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक शहरी क्षेत्रों में सरकार और जनप्रतिनिधियों की गतिविधियों पर निर्वाचन आयोग की आचार संहिता के नियम लागू रहेंगे.
यहां देखें पूरा शेड्यूल
- लोक सूचना जारी करने की तिथि- 27 अगस्त
- चुनाव चिन्ह का आवंटन- 4 सितंबर
- प्रथम चरण का मतदान- 9 सितंबर
- द्वितीय चरण का मतदान- 11 सितंबर
- मतगणना- 14 सितंबर
- चेयरमेन का इलेक्शन- 21 सितंबर
- उपाध्याक्ष पद का चुनाव- 22 सितंबर
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