राजस्थान नगर निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी, जानिए कब होगी वोटिंग और किस दिन आएंगे नतीजे

मोहित गुर्जर

• 03:40 PM • 21 Jul 2026

Rajasthan Municipal Election Schedule: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का इंतजार खत्म हो गया है. चुनाव आयोग ने पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है. अब वोटिंग दो चरणों में होगी और लाखों मतदाता अपने वार्ड के पार्षद चुनेंगे. जानिए नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की हर अहम तारीख एक जगह.

राजस्थान निकाय चुनाव की तारीखें जारी!
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Rajasthan Nagar Nikay Chunav Date: राजस्थान में स्थानीय स्वशासन के सबसे बड़े चुनावी अभियान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. कोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने नगर निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके साथ ही शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया भी तय हो गई है. ऐसे में अब राज्य के लाखों मतदाता अपने-अपने शहरों की सरकार चुनने के लिए वोट करेंगे. ऐसे में जानिए कब शुरू होगी वोटिंग प्रक्रिया और कब आएंगे नतीजे.

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पहले जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया

मिले शेड्यूल के अनुसार, शहरी निकायों के चुनाव को लेकर प्रक्रिया मध्य अगस्त से शुरू होने जा रही है. इसकी आधिकारिक घोषणा 17 अगस्त को की जाएगी. इसके बाद 22 अगस्त को चुनावी अधिसूचना जारी होगी. इसके तुरंत बाद ही भावी उम्मीदवार अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे.

शहरी निकाय चुनाव की प्रमुख तारीखें:

  • घोषणा: 17 अगस्त
  • अधिसूचना जारी: 22 अगस्त
  • नामांकन की अंतिम तिथि: 27 अगस्त
  • पर्चों की जांच: 29 अगस्त
  • नाम वापसी: 31 अगस्त
  • चुनाव चिन्ह आवंटन: 1 सितंबर
  • प्रथम चरण मतदान: 6 सितंबर
  • द्वितीय चरण मतदान: 9 सितंबर
  • वोटों की गिनती: 11 सितंबर

दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी वोटिंग

राज्य भर के 10,245 वार्डों में चुनावी सरगर्मी देखने को मिलेगी. निष्पक्ष और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से 16,482 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं. इन केंद्रों पर करीब 1 करोड़ 43 लाख 75 हजार 806 वाेटर्स अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. बताया जा रहा है कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मतदान को दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा.

कैसे होगा महापौर और अध्यक्ष का चुनाव?

इस बार आम नागरिक सीधे अपने वार्ड के पार्षद का चुनाव करेंगे. वोटर्स महापौर, निकाय अध्यक्ष या सभापति का चुनाव सीधे नहीं कर पाएंगे. वोटर्स, वोटिंग के दिन केवल अपने वार्ड प्रतिनिधि यानी पार्षद को चुनेंगे. इसके बाद चुनाव जीत कर आए पार्षद ही आपस में सहमति या प्रक्रिया से महापौर और अध्यक्ष जैसे पदों का फैसला करेंगे.

सरकारी अमला और पुलिस बल की तैनाती

चुनाव को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्था की गई है. एक चरण के चुनाव को पूरा कराने के लिए लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. इसके साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 5 हजार पुलिसकर्मी हर चरण में मुस्तैद रहेंगे.

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